मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में सामान्य प्रसव के करीब 26 घंटे बाद प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने 24 घंटे में बाजार से 70-80 हजार रुपये की दवाएं भी मंगवाईं। वहीं, पुत्र पैदा होने की खुशी मातम में बदल गई।

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बेटे के जन्म की खुशी में डूबे परिवार में छा गया मातम

मऊरानीपुर के दुबे का चौक निवासी प्रवीन प्राइवेट एंबुलेंस चलाता है। उसकी शादी दो दिसंबर 2022 को कल्पना निवासी भरुआ सुमेर हमीरपुर से हुई थी। वह पत्नी के साथ गुमनावारा में किराये के मकान में रहता था। बृहस्पतिवार शाम को कल्पना को प्रसव पीड़ा हुई तो पति मेडिकल कॉलेज लेकर आया, जहां उसे भर्ती कर लिया गया। शुक्रवार दोपहर 12:56 बजे उसने सामान्य प्रसव से पुत्र को जन्म दिया। इससे परिवार में खुशी फैल गई और एक-दूसरे को बधाई देने लगे। शाम को अचानक कल्पना की तबीयत बिगड़ने लगी। जब डॉक्टरों ने परीक्षण किया तो पता चला कि उसे रक्तस्राव हो रहा था। परिजनों से एक-एक कर छह यूनिट रक्त मंगवाकर चढ़ा दिया। जब रात में हालत बिगड़ी तो उसे सुपर स्पेशियलिटी ब्लाॅक में वेंटिलेटर पर रखा दिया। इस दौरान 70-80 हजार रुपये की दवाएं बाजार से मंगाई गईं। शनिवार दोपहर में कल्पना की मौत हो गई। इससे परिजनों में आक्रोश फैल गया। उनका आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से कल्पना की मौत हुई है।

इनका यह है कहना

सीएमएस डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि सामान्य प्रसव के बाद महिला को एंटोनिया (गर्भाशय का मुंह बंद न होना) हो गया था, जिसकी वजह से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया। शनिवार को रक्तस्राव रुका मगर उसे बचाया नहीं जा सका।



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