बबीना सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुमित मिसुरिया के इकलौते पुत्र संचय (19) की मौत की गुत्थी उसके आई फोन से सुलझ सकती है लेकिन, लॉक होने की वजह से वह खोला नहीं जा सका। परिजनों ने पुलिस को बताया था कि संचय के फोन का लॉक उन लोगों को मालूम है। जब पुलिस उसका फोन लेकर खुलवाने पहुंची, तब फोन का पासवर्ड बदला मिला। आंशका जताई जा कि होली के बाद यहां से लौटकर ही उसने अपने मोबाइल फोन का पासवर्ड बदला। पुलिस अब फोन का लॉक दूसरे तरीके से खुलवाने की कोशिश कर रही है।
सिद्धेश्वर मंदिर के पास पीतांबरा कॉलोनी निवासी डा. सुमित के पुत्र संचय की संदिग्ध परिस्थितियोें में ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। रविवार सुबह उसका शव सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में भानी देवी गोयल स्कूल के सामने झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत हाल में पड़ा मिला था। पुलिस को उसके यहां आने की वजह पता नहीं चल सकी।
सीडीआर निकाल रही पुलिस
संचय के परिजनों का भी कहना है कि उसने अपने झांसी आने की कोई बात उनको नहीं बताई थी। ऐसे में संचय आखिर किसके बुलावे पर झांसी आया, इसे पुलिस जानने की कोशिश कर रही है। इसके लिए पुलिस संचय के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी निकाल रही है। आखिरी बार उसकी किससे बात हुई, पुलिस इसका भी पता लगा रही है। पुलिस को अभी भी मालूम नहीं चला कि आखिर वह झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक के पास कैसे पहुंचा, जबकि दिल्ली-झांसी रूट के यह विपरीत दिशा में पड़ता है। उधर, सोमवार को उसके पिता डा. सुमित परिजनों के साथ सीपरी बाजार थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस के सामने आशंका जाहिर करते हुए जांच कराने की मांग की। पुलिस अफसरों ने जांच का भरोसा दिलाया है। एसपी सिटी प्रीति सिंह का कहना है कि पुलिस अभी सीडीआर का इंतजार कर रही है। सीडीआर आने पर जांच की दिशा निर्धारित हो सकेगी।
आगरा के पास मिली आखिरी लोकेशन
शनिवार शाम करीब चार बजे उसकी आखिरी लोकेशन आगरा के पास मिली बताई जा रही है। छानबीन के दौरान मालूम चला कि शाम चार बजे के बाद संचय ने अपने पिता एवं बहन को फोन किया था लेकिन, उसने आगरा में होने की बात नहीं बताई थी हालांकि यह बात उसके कुछ दोस्तों को मालूम थी। पुलिस इन सभी बिंदुओं के आधार पर जांच-पड़ताल कर रही है। बता दें, संचय परिवार का इकलौता बेटा था। सोनीपत के जिंदल कॉलेज के हॉस्टल में रहकर विधि प्रथम वर्ष का छात्र था।
