प्लेटफार्म के साथ ट्रेनाें में सक्रिय अपराधियों की कुंडली अब कंप्यूटर पर एक क्लिक करते ही खुल जाएगी। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) इन दिनों यक्ष एप में डाटा अपलोड कर अपडेट कर रही है। इस एप में अपराधियों के नाम-पता, फोटो, फिंगर प्रिंट और वॉयस सैंपल के साथ गिरोह का विवरण होगा।
पुलिस अधीक्षक रेलवे विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश स्तर पर लांच हुआ यक्ष एप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से युक्त है। अनुभाग के सभी अपराधियों के नाम, संपूर्ण पता, थाना, उनकी फोटो (सभी प्रकार से खींची हुई), उनके फिंगर प्रिंट के अलावा उनकी आवाज के सैंपल आदि इसमें अपडेट किए जा रहे हैं। इससे अपराधी अब कहीं भी अपरध करेगा तो उसकी फोटो अपलोड करते ही उसकी पूरी कुंडली ऑनलाइन सामने आ जाएगी। उन्होंने बताया कि एप के जरिये अपराधियों की निगरानी करना पुलिस के लिए आसान होगा। बीट पुलिसिंग के जरिये अपराधियों की वर्तमान गतिविधियों को एप पर अपडेट करने का काम अंतिम चरण में है।
जीआरपी की ओर से यक्ष एप में दर्ज ब्योरे
पंजीकृत अपराधी- 1901
पंजीकृत गैंग – 216
जेल में बंद अपराधी – 65
लापता बदमाश- 317
समय-समय पर अपडेट करनी होगी जानकारी
एसपी रेलवे विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एप पर दी जाने वाली जानकारी समय-समय पर अपडेट की जाएगी। इसकी भी एप में सुविधा दी गई है। यदि अपराधी की मौत हो जाती है या फिर मामले में वह दोषमुक्त हो जाता है तो तत्काल ऐसे अपराधी का डेटा हटा दिया जाएगा।
317 अपराधी लापता, तलाश जारी
एसपी रेलवे ने बताया कि यक्ष एप पर अभी 317 अपराधी ऐसे हैं, जिनके पते पर जाने के बाद उनके संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल रही है। ऐसे अपराधियों को एप पर अनुपस्थित किया गया है। पुलिस लगातार उनकी जानकारी कर रही है।
