चिरगांव बाईपास अब राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के नाम से जाना जाएगा। बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा की मांग पर लोक निर्माण विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। ये मार्ग चार किलोमीटर से ज्यादा लंबा है।
बबीना विधायक ने बीते 29 अक्तूबर को मंडलायुक्त को पत्र लिखा था। पत्र में कहा था कि चिरगांव नगर में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जन्म हुआ था, जिन्होंने अपनी रचनाओं और काव्यों के माध्यम से क्षेत्र और झांसी जनपद का नाम देश-विदेश में रोशन किया। वह और क्षेत्रवासी झांसी-कानपुर हाईवे से चिरगांव नगर को जाने के लिए बाईपास का नामकरण राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के नाम पर करने के पक्ष में हैं। अब लोक निर्माण विभाग ने 4.2 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का नाम राष्ट्रकवि के नाम पर रख दिया है। विधायक ने कहा कि यह निर्णय न केवल चिरगांव की ऐतिहासिक और साहित्यिक पहचान को सम्मान देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रकवि के विचारों और कृतित्व से प्रेरणा लेने का मार्ग भी प्रशस्त करता है।
चिरगांव में बन रहा द्वार, मार्च तक होगा तैयार
झांसी-कानपुर हाईवे से चिरगांव में दाखिल होते ही एक द्वार भी बनना शुरू हो गया है। द्वार के लिए कानपुर के एमएलसी सलिल विश्नोई ने अपनी निधि से 23.36 लाख रुपये दिए हैं। राष्ट्रकवि के घराने से जुड़े प्रमोद कुमार गुप्ता का कहना है कि मार्च तक यह द्वार बनकर तैयार हो जाएगा। सियाराम शरण गुप्त, मैथिलीशरण गुप्त और मुंशी अजमेरी के नाम पर यह द्वार होगा।
निर्माणाधीन स्वागत द्वार का वीडियो…
