पीएम धन-धान्य कृषि योजना के पोर्टल पर फीडिंग का काम शुरू हो गया है। इससे विकास भवन में किसान को एक ही प्लेटफार्म पर सारी सुविधाएं मिलेंगी। 11 विभाग इस पर काम करेंगे। साथ ही लाखों किसानों की उम्मीदों को पंख लगेंगे। 36 योजनाओं को बूस्टर डोज मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर को किसानों के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को लांच किया था, इसमें देश के 100 जिलों को शामिल किया गया था। झांसी के अलावा बांदा, हमीरपुर, जालौन, ललितपुर, चित्रकूट आदि जिले इसमें शामिल हैं। सोमवार से इस योजना पर काम शुरू हो गया।

11 विभागों की 36 योजनाओं पर रहेगा ध्यान

जिले में 11 विभागों पर फोकस रहेगा, इसमें कृषि व किसान कल्याण, कृषि शोध, मत्स्य पालन, पशुपालन डेयरी, सहकारिता, जल संसाधन, नदी विकास, खाद्य प्रसंस्करण, ग्रामीण विकास, भू प्रबंधन, कौशल विकास और एमएसएमई को शामिल किया गया है। इन विभागों की 36 योजनाओं की प्रगति पोर्टल पर फीडिंग शुरू की गई है।

विकास भवन बनेगा केंद्र

अधिकारियों ने बताया कि विकास भवन किसानों के लिए केंद्र रहेगा।योजना के तहत किसानों को वक्त पर खाद, पानी, बीज, उर्वरक व अन्य जरूरी चीजें मुहैया कराई जाएंगी ताकि उन्हें भटकना न पड़े। योजना के क्रियान्वयन के लिए महारानी लक्ष्मीबाई कृषि विश्वविद्यालय को नोडल एजेंसी बनाया गया है। हालांकि मुख्य काम कृषि विभाग का है।

समिति के अध्यक्ष हैं जिलाधिकारी

केंद्र सरकार के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय सिमिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी हैं, जबकि उक्त सभी 11 विभागों के अधिकारियों को सदस्य बनाया गया है। इस योजना से करीब तीन लाख किसानों को लाभ मिलेगा। साथ ही मछली पालन, भेड़ पालन, पशु पालन, खाद्य प्रसंस्करण, मुर्गी पालन समेत अन्य उत्पादों के लिए जरूरत पड़ने पर किसानों को आसान किस्तों पर कर्ज दिया जाएगा।

पीएम धनधान्य योजना पर काम शुरू हो गया है, इसमें योजनाएं तो पुरानी हैं लेकिन उनकी निगरानी पर खास ध्यान दिया जाएगा। एमपी सिंह, उप निदेशक, कृषि



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