जिला अस्पताल से मेडिकल के दौरान पुलिस कस्टडी से बंदी के फरार होने के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में कोतवाली में दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
उपनिरीक्षक भारत सिंह की तहरीर में बताया गया कि 16 मार्च को कोतवाली थाने से जुड़े मामले में गिरफ्तार दतिया निवासी नदीम और उसके दोस्त गणेशपुरा निवासी संजय जाटव को कोतवाली पुलिस जिला अस्पताल मेडिकल कराने लेकर आई थी। इसी दौरान आरोपी नदीम (निवासी दतिया, मध्य प्रदेश) करीब शाम 4 बजे अस्पताल की इमरजेंसी से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी की खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। प्रकरण में लापरवाही बरतने के आरोप में आरक्षी ज्ञानेंद्र पटेल और मयंक गुप्ता समेत नदीम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
मध्य प्रदेश में भी नहीं मिला नदीम का सुराग
पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ बंदी नदीम अब पुलिस के गले की फांस बनता जा रहा है। चार दिन के बाद भी पुलिस को उसका सटीक सुराग नहीं लग सका। पुलिस को शुरूआत में उसके मध्य प्रदेश भाग जाने की बात मालूम चली थी। इसके बाद पुलिस फोर्स उसके घर तक जा पहुंचा। उसके कई ठिकानों में दबिश देने के बाद भी पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। पिछले चार दिन से पुलिस वहां डेरा डाले हुए है। अब संभावना जताई जा रही कि पुलिस को चकमा देकर वह दूसरी जगह भाग निकला है। बेहद शातिर नदीम इसके पहले मध्य प्रदेश पुलिस को भी चकमा देकर भागने में कामयाब हो चुका। झांसी में भी बेहद शातिराना अंदाज में पुलिस को चकमा देकर निकल भागा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया नदीम लंगड़ाते हुए बाहर निकला। मिनर्वा चौकी के पास खड़े ऑटो में सवार होकर नरिया बाजार तक पहुंचा। यहां पहुंचने पर उसने ऑटो चालक को पचास रुपये भी थमाए थे। पुलिस को यह भी समझ में नहीं आया कि आखिर जामा तलाशी होने के बाद भी उसके पास नकदी कहां से आई।
