रिश्वतकांड में पकड़े गए तीन सीजीएसटी अफसरों से जुड़ा एक नया मामला उजागर हुआ है। इन अफसरों ने मोटी पेनाल्टी वसूली जाने वाली कई फाइलों को भी दबा दिया था। इस वजह से कई फर्मों को पेनाल्टी चुकाने से बचने का रास्ता मिल गया था। सबसे ज्यादा फायदा लोहा कंपनियों ने उठाया।
टैक्स चोरी के आरोप में इन फर्मों को दो साल पहले वस्तु एवं सेवाकर महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने पकड़ा था। कच्चे बिल बनाकर टैक्स चोरी के आरोप में इन पर 57 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था लेकिन सीजीएसटी अफसरों से मिलीभगत करके यह फर्म पेनाल्टी जमा करने से बचती आ रही हैं।
सीजीएसटी के विभागीय सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2024 में डीजीजीआई ने पूरे देश में कई ऐसी लोहा फर्मों को पकड़ा, जिन्होंने कच्चे बिल के सहारे करोड़ों रुपये माल की सप्लाई की। इसकी आड़ में करोड़ रुपये का टैक्स बचाया। मीना काशी मेटल इंडस्ट्रीज एलएलपी (झांसी व सागर यूनिट), मीना काशी री-रोलर्स प्राइवेट लिमिटेड (दतिया), कामधेनु लिमिटेड सहित उससे जुड़े ट्रांसपोर्टरों के नाम सामने आए थे। जांच में यह बात सामने आई कि सितंबर 2019 से जून 2023 के बीच कामधेनु और के-2 ब्रांड की सरिया की भारी मात्रा में बिक्री बिना टैक्स इनवॉइस के की गई। टैक्स चोरी में कच्चे बिल, नकद भुगतान एवं फर्जी डिस्काउंट इनवॉइस का सहारा लिया गया। जांच में बड़े स्तर पर मिलीभगत के भी संकेत मिले थे।
ठंडे बस्ते में डाल दी थी वसूली की फाइलें
डीजीजीआई ने शुरुआती जांच के बाद मीनाक्षी मेटल इंडस्ट्रीज (एलएलपी) झांसी पर लगभग 32.56 करोड़, मीनाक्षी मेटल इंडस्ट्रीज, सागर पर 14.79 करोड़ का ब्याज व पेनाल्टी, कामधेनु लिमिटेड सहित अन्य पर करीब 11 करोड़ का टैक्स व पेनाल्टी लगाई। बाद में यह मामला स्थानीय सीजीएसटी अफसरों के हवाले हो गया। डीजीजीआई ने भले इनके यहां बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी पकड़ी लेकिन स्थानीय सीजीएसटी अफसरों के पास आते ही मामला ठंडे बस्ते में चला गया। विभागीय सूत्रों का कहना है कि डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, अधीक्षक अनिल तिवारी एवं अजय शर्मा ने इनसे जुड़ी सभी फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी थीं। इस वजह से वसूली नहीं हो सकी।
तीनों अफसरों की कस्टडी को लेकर आज होगा फैसला
रिश्वतकांड में पकड़ी गई डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, अधीक्षक अनिल तिवारी एवं अजय शर्मा से पूछताछ के लिए सीबीआई उनको रिमांड पर लेने की कोशिश कर रही है। इस संबंध में सीबीआई ने विशेष कोर्ट के सामने अर्जी पेश की थी। मंगलवार को कोर्ट फैसला देगा। सीबीआई ने कोर्ट से आग्रह करते हुए कहा कि यह मामला काफी बड़ा है। इस वजह से आरोपियों से पूछताछ जरूरी है। कई सारी अहम बातें आरोपी ही बता सकते हैं। पिछले कई दिनों से सीबीआई की एक टीम झांसी में भी डेरा डालकर सबूत जुटा रही है।
