नगर निगम के पार्षदों का गुवाहटी भ्रमण इस बार विवादों में आ गया है। नौ पार्षदों के दल में से चार शैक्षणिक भ्रमण पर गए ही नहीं, जबकि निगम प्रशासन की ओर से ट्रैवल एजेंसी को करीब चार लाख रुपये का अग्रिम भुगतान किया जा चुका है।

नगर निगम हर वर्ष पार्षदों को शैक्षणिक भ्रमण पर देश के विभिन्न शहरों में भेजता है, ताकि वे वहां के नगर निकायों की कार्यप्रणाली को समझकर स्थानीय स्तर पर सुधार के सुझाव दे सकें। हालांकि, इस बार भी यह भ्रमण विवादों में घिर गया। बताया गया कि गुवाहटी टूर के लिए नौ पार्षदों के पैकेज का 50 प्रतिशत भुगतान पहले ही ट्रैवल एजेंसी को कर दिया गया था। प्रत्येक पार्षद पर करीब 90 हजार रुपये खर्च होना है। इस हिसाब से लगभग चार लाख रुपये अग्रिम दिए गए। पार्षदों का दल 29 मार्च को वंदे भारत ट्रेन से झांसी से नई दिल्ली के लिए रवाना हुआ था, जहां से वे फ्लाइट से गुवाहटी पहुंचे। हालांकि, टूर पर केवल पांच पार्षद ही गए।

जानकारी के अनुसार, पार्षद नरेंद्र किशोर ने पहले ही नगर आयुक्त को पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए भ्रमण पर जाने में असमर्थता जता दी थी। वहीं टूर पर जाने वालों में दिनेश प्रताप सिंह, आशीष तिवारी, राखी परिहार, महेंद्र ग्वाला और नीता यादव शामिल हैं जबकि टूर पर न जाने वाले पार्षदों में अतुल कुमार, शबनम और अलका श्रीवास शामिल हैं। इन्होंने निगम प्रशासन को कोई आधिकारिक सूचना भी नहीं दी है। इनमें से एक पार्षद के परिजन ने उनके भ्रमण पर जाने का दावा किया, लेकिन देर रात तक कोई प्रमाण या फोटो उपलब्ध नहीं कराई गई।

दो बाहरी लोगों के साथ जाने की चर्चा

इसे संयोग कहें या पूर्व निर्धारित योजना, लेकिन पांच पार्षदों के साथ यात्रा के दौरान दो बाहरी लोगों के भी शामिल होने की चर्चा है। इनमें एक भाजपा का मंडल पदाधिकारी और दूसरा नगर निगम से जुड़े एक ठेकेदार का रिश्तेदार बताया जा रहा है। इसको लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

इनका यह है कहना

जिन पार्षदों को गुवाहटी भ्रमण की अनुमति दी गई थी, उनमें से केवल एक ने पारिवारिक कारणों से न जाने की सूचना दी है। पार्षदों के लौटने पर जियो टैग फोटो ली जाएगी। पूरी जांच के बाद ही बिलों के भुगतान की कार्रवाई की जाएगी। – आकांक्षा राणा, नगर आयुक्त



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *