शनिवार को कियारा ओयसिस भगवंतपुरा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनांतर्गत सामूहिक विवाह समारोह हुआ। इसमें 175 जोड़ों का विवाह हुआ। इस दौरान उन्हें गृहस्थी का सामान तो दिया गया लेकिन फंड न होने के कारण दुल्हनों के खातों में राशि नहीं भेजी जा सकी।
शनिवार को आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन मौजूद रहीं। विशिष्टि अतिथि के रूप में महापौर बिहारी लाल आर्य एवं मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद मौजूद रहे। विवाह के बारे में समाज कल्याण अधिकारी ललिता यादव ने विस्तार से बताया कि इस अवसर पर 175 जोड़ों के साथ विवाह हुए। इसमें 159 हिन्दू कन्या व वर ने हिंदू विधिविधान व मंत्रोच्चार के साथ सात-सात फेरे लगाए। वहीं, 16 मुस्लिम जोड़ों का निकाह हुआ।
कतार लगाकर दी सामग्री
विवाह होने के बाद समाज कल्याण विभाग की ओर से सभी जोड़ों को कतार लगाकर उन्हें गृहस्थी का सामान दिया गया। रमा निरंजन ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में मदद करना है। इस योजना के तहत प्रत्येक जोड़े पर प्रदेश सरकार एक लाख रुपये खर्च कर रही है। इसमें से 60 हजार रुपये कन्या के खाते में और 25 हजार रुपये के उपहार दिए जाते हैं। इसके साथ 15 हजार की धनराशि कार्यक्रम के आयोजन पर व्यय की जाती है। सागर शर्मा और मनोज वर्मा समेत अन्य ने आयोजन सहयोग किया। कार्यक्रम का संचालन समाजसेविका डॉ. नीति शास्त्री ने किया।
नहीं पहुंचे अन्य अतिथि
समारोह में स्टेज पर लगे बड़े बैनर पर सदर विधायक रवि शर्मा, शिक्षक विधायक डॉ.बाबूलाल तिवारी, विधायक मऊरानीपुर रश्मि आर्य, विधायक गरौठा जवाहर राजपूत विधायक बबीना राजीव सिंह पारीछा का नाम भी लिखा था। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हमने उन्हें बुलाया था लेकिन शहर अध्यक्ष भाजपा सुधीर सिंह व जिलाध्यक्ष अनुसूचित जाति कपिल बरसेनिया का कहना है कि उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई।
