रंगदारी और डकैती के मामले में जेल में बंद सपा के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव और उनके करीबी अनिल यादव उर्फ मामा की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश (एमपीएमएलए) जितेंद्र यादव ने मंजूर कर ली है। जमानतदारों का सत्यापन होते ही जमानत की औपचारिकता पूरी होगी और वे जेल से बाहर आ जाएंगे। इसके लिए 12 दिन पहले अर्जी लगाई गई थी।
करीब 2 महीने पहले सपा के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह और अनिल यादव ने न्यायालय में सरेंडर किया था। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने रंगदारी की थी और फरियादी के रुपए लूटे थे। इस मामले में एक आरोपी अशोक गोस्वामी की जमानत पहले ही मंजूर हो चुकी है।
अब आगे क्या
एमपी एमएलए विशेष अदालत ने आरोपियों के अधिवक्ता द्वारा लगाई गई जमानत अर्जी पर सुनवाई की । दोनों को एक-एक लाख रुपए के बंधपत्र पर जमानत अर्जी मंजूर की। फिलहाल दोनों जमानतदारों का चरित्र और संपत्ति का सत्यापन होगा। सत्यापन रिपोर्ट न्यायालय में पेश पेश होगी। रिपोर्ट सही पाए जाने पर दोनों आरोपी जेल से बाहर आ सकेंगे। विशेष लोक अभियोजक राजेंद्र रावत ने बताया कि 7 जनवरी को जमानत का आवेदन लगाया गया था। उसकी सुनवाई के बाद अदालत ने जमानत आवेदन स्वीकार कर लिया।