मोठ तहसील क्षेत्र के सेमरी गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सरकारी विद्यालय की यूनिफॉर्म पहने नन्हे बच्चे हाथों में फावड़ा लेकर मिट्टी खोदते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, विद्यालय की एक अध्यापिका भी बच्चों के पास खड़ी नजर आ रही हैं। इस दृश्य को देखकर ग्रामीणों में नाराजगी है।

ग्रामीणों द्वारा बनाए गए इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिसके बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। वीडियो वायरल करने वाले युवक ने बताया कि विद्यालय परिसर में किसी निर्माण या मरम्मत कार्य के नाम पर बच्चों से खुदाई कराई जा रही थी। उनका कहना है कि सरकारी विद्यालयों में जहां बच्चों को पढ़ाई और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। वहां उनसे शारीरिक श्रम कराया जाना पूरी तरह अनुचित है।

ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों से इस प्रकार का कार्य कराना बाल अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रशासन को बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, न कि उनसे मजदूरी जैसा कार्य कराना चाहिए। वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों में भी रोष है और उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

इस मामले में चिरगांव के खंड शिक्षा अधिकारी प्रियंका चौधरी ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों को मेधावी बनाने के लिए सभी स्कूलों में ईको क्लब मिशन चलाया जा रहा है। जिसके तहत बच्चों को बागवानी सिखाई जा रही है। इसके तहत विभाग की ओर से बजट दिया जाता है और बागवानी में प्रयुक्त होने वाले सभी उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। सेमरी गांव के स्कूल में यही गतिविधि, बच्चों को सीखने के उद्देश्य से संचालित थी। शिक्षकों ने विभाग के निर्देशों के पालन की बात कही है। हालांकि इस प्रकरण में गंभीरता से जांच और अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

बच्चों के काम करने के दौरान का वीडियो…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *