भगवान शिव एवं माता पार्वती के विवाह का पर्व महाशिवरात्रि 15 फरवरी रविवार को श्रद्धा एवं उल्लास से मनाया जाएगा। शिव मंदिरों में महादेव का अभिषेक, शृंगार एवं महाआरती होगी। धार्मिक अनुष्ठान होंगे। श्रद्धालुओं द्वारा धूमधाम से भगवान भोलेनाथ की बरातें निकाली जाएंगी। पर्व पर सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।

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सनातन धर्म में महाशिवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है। श्रद्धालु व्रत रखकर विधि विधान से भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा आराधना करते हैं। महादेव का जलाभिषेक एवं दर्शन करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त से श्रद्धालु शिव मंदिरों में उमड़ने लगते हैं। रात्रि में चार पहर की पूजा अनुष्ठान में भक्ति भाव से शामिल होते हैं। शिव मंदिरों से भव्य बरातें गाजे-बाजे के साथ निकलती हैं। महादेव का दूल्हा स्वरूप में मोहक शृंगार किया जाता है। मंदिरों में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। ज्योतिषविद रजनी दीक्षित के अनुसार पर्व पर सर्वार्थ सिद्धि योग, उत्तराषाढ़ा एवं श्रवण नक्षत्र रहेगा। चंद्रमा मकर राशि में होगा। पर्व पर भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा करने से जीवन में सदैव खुशहाली रहती है।



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