बेतवा भवन स्थित अधिशासी अभियंता का कमरा बुधवार दोपहर अखाड़े में तब्दील हो गया। सहायक अभियंता मनीष चौधरी एवं कार्यालय में तैनात बाबू देवेंद्र के बीच जमकर लात-घूंसे चले। दोनों ने ही एक दूसरे को पीटा। वहां मौजूद कर्मचारियों ने किसी तरह दोनों को अलग किया। कार्यालय के भीतर मारपीट का मामला आला अफसरों तक भी पहुंचा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अधिशासी अभियंता के कमरे में सहायक अभियंता मनीष चौधरी अकेले बैठे थे, तभी लिपिक देवेंद्र वहां जा पहुंचा। दोनों के बीच 31 मार्च को हुए भुगतान को लेकर विवाद होने लगा। दोनों ही तैश में आ गए। एक दूसरे को बाहर निकलने पर देख लेने की धमकी देने लगे। इसी बीच दोनों ने एक दूसरे का कालर पकड़कर घसीट लिया। उनके बीच लात-घूंसे चलने लगे। अधिशासी अभियंता के कमरे से मारपीट की आवाज आने पर कर्मचारी भी दौड़े। उन्होंने किसी तरह उनको अलग कराया। अधिशासी अभियंता बृजेश पोरवाल भी कुछ देर में वहां जा पहुंचे। अन्य डिवीजन के कर्मचारी भी आ गए। अधीक्षक अभियंता बृजेश कुमार का कहना है कि विवाद की वजह मालूम नहीं चली है। दोनों पक्षों को बुलाया गया है।
