तीन साल पहले नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने रविंद्र को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर उसे चार साल और जेल में रहना होगा।
अभियोजन के मुताबिक, उल्दन थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने 17 नवंबर 2022 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि गांव का रहने वाला 35 वर्षीय रविंद्र अहिरवार उसकी सात साल की बेटी को फुसलाकर एक खंडहर में ले गया था। यहां बेटी से उसने दुष्कर्म किया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की और गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने विवेचना व साक्ष्य जुटाने के बाद दो दिसंबर 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान आरोपी रविंद्र को दोषी पाते हुए अदालत ने सजा सुनाई।
