सीएमओ के कक्ष में एक साल से बॉयोमेट्रिक हाजिरी मशीन लगी है लेकिन हालत यह है कि अधिकतर कर्मी रजिस्टर पर ही हाजिरी लगा रहे हैं। यही वजह है कि ऑनलाइन रिकॉर्ड के बजाय उपस्थिति रजिस्टर के आधार पर वेतन मिल रहा है।

शासन का पूरा फोकस बॉयोमेट्रिक हाजिरी पर है ताकि अधिकारी-कर्मचारी नियमित दफ्तर आएं। वह अपने-अपने पटल का काम समय से पूरा करें ताकि लोगों को जरा-जरा से काम के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े। शासन की मंशा के अनुसार, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने अपने कक्ष में बॉयोमेट्रिक मशीन लगवाई है। फिर भी इससे शत-प्रतिशत हाजिरी दर्ज नहीं हो रही है। अफसरों की ढिलाई से रजिस्टर पर ही उपस्थिति दर्ज की जा रही है।

नजर आते हैं गाहे-बगाहे, फिर भी पूरी हाजिरी

सीएमओ कार्यालय में एक अधिकारी गाहे-बगाहे नजर आते हैं। उन्होंने चंद कदम दूर कॉलोनी में किराये पर कमरा लिया है, जहां गाहे-बगाहे रुकते हैं। बावजूद इसके, उनकी रजिस्टर पर पूरी हाजिरी कई सवाल खड़े करती है। सूत्रों का कहना है कि उनका परिवार लखनऊ में रहता है।

ठीक है देख लेंगे, बोले सीएमओ

सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि काफी समय से बॉयोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी ली जा रही है। बॉयोमेट्रिक और रजिस्टर की उपस्थिति में भेद होने के बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि देख लेंगे।

प्रमुख सचिव का आदेश मानव संपदा पोर्टल पर करें पंजीकरण

प्रमुख सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को आदेश जारी करते हुए कहा कि मानव संपदा पोर्टल के संचालन के लिए सभी नियमित कर्मचारियों का पंजीकरण जरूरी है। विभाग प्रमुख सुनिश्चित करें कि नियमित कार्मिकों का पंजीकरण पोर्टल पर हो। पोर्टल पर शत-प्रतिशत कार्मिकों का पंजीकरण एवं अवकाश स्वीकृति पोर्टल के ही माध्यम से सुनिश्चित करने का है। समीक्षा में संज्ञान में आया है कि कार्मिक विभाग के निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। शत-प्रतिशत पंजीकृत कार्मिकों के सभी अवकाश की स्वीकृति पोर्टल से ही सुनिश्चित की जाए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें