गंभीर शीत दिवस होने के चलते बृहस्पतिवार को जनजीवन कांप उठा। बर्फीली हवाओं के साथ ही सीजन का सबसे घना कोहरा छाया रहने से दिन का पारा 13 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया। झांसी प्रदेश का पांचवां सबसे ठंडा शहर रहा। अब कक्षा एक से आठवीं तक सभी स्कूल 10 जनवरी तक बंद रहेंगे।

झांसी में दोपहर 12 बजे तक घना कोहरा छाए रहने से कुछ मीटर दूर भी सही से दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसे में ट्रेनों की रफ्तार भी बेहद सुस्त रही। उत्तर-पूर्व दिशा से पांच से सात किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से बर्फीली हवा चलती रही। इससे भीषण गलन ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। लोग बहुत जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले।

अधिकतर घरों में ही कैद रहे और अलाव व हीटर जलाकर ठंड से बचाव करते रहे। न्यूनतम पारा छह डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। ऐसे में बुधवार की रात इस सीजन में सबसे ठंडी रही। वहीं, न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 9.3 डिग्री कम है। ऐसे में दिन भी इस सीजन में सबसे ठंडा रहा।

कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह का कहना है कि वाराणसी, प्रयागराज, बरेली और शाहजहांपुर के बाद झांसी प्रदेश का सबसे ठंड शहर रहा। झांसी में गंभीर शीत दिवस दर्ज किया गया। आने वाले दो-तीन दिन और ऐसी ही गलन बरकरार रहेगी। तापमान में गिरावट आ सकती है। हालांकि, भीषण कोहरा का असर बृहस्पतिवार तक ही था।

वहीं, बीएसए विपुल शिव सागर ने आदेश जारी किया है कि अत्यधिक ठंड पड़ने की वजह से जनपद के सभी राजकीय, परिषदीय, सहायता व मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई व सभी बोर्ड के कक्षा एक से आठवीं तक विद्यालय 10 जनवरी तक बंद रहेंगे। मालूम हो कि अगले दिन रविवार होने से भी छुट्टी रहेगी।

30 मीटर रही दृश्यता, सीजन में सबसे कम

बृहस्पतिवार को घना कोहरा छाया रहने से दृश्यता महज 30 मीटर रही, जो इस सीजन में सबसे कम रही। हालांकि, आगामी दिनों में कोहरे की ऐसा कोहरा छाने की उम्मीद कम है।



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