झांसी में कारोबारियों को ब्लैकमेल कर घूसखोरी करने वाले सेंट्रल जीएसटी के अफसरों ने अपनी काली कमाई संपत्तियों में निवेश की थी। झांसी से लेकर तेलंगाना तक आरोपी अधीक्षकों ने संपत्तियों को खरीदा और अपने व परिजनों के बैंक खातों में लाखों रुपये जमा किए। सीबीआई द्वारा मंगलवार को दोनों अधीक्षकों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की एफआईआर में इसका खुलासा हुआ है।


Trending Videos



सीबीआई द्वारा बीते दिसंबर माह में दोनों अधीक्षकों और उप आयुक्त समेत पांच लोगों को गिरफ्तार करने के बाद उनकी संपत्तियों की जांच भी की गई थी। जांच में पता चला कि आरोपी अधीक्षक अनिल कुमार तिवारी ने तेलंगाना 19.20 लाख रुपये में दो भूखंड खरीदे थे। साथ ही अपने और परिजनों के बैंक खातों में करीब 77 लाख रुपये जमा किए। उन्होंने झांसी में भी तीन भूखंड खरीदने में 21 लाख रुपये से अधिक व्यय किए। वहीं सीबीआई द्वारा उनके आवास पर छापे के दौरान 31.78 लाख नगद, 32.90 लाख रुपये के सोने के जेवर तथा 48.60 लाख रुपये के चांदी के जेवर बरामद किए गए। इसी तरह अधीक्षक अजय शर्मा और उनकी पत्नी नीलम शर्मा के नाम झांसी में कई अचल संपत्तियां होने का पता चला है। उन्होंने झांसी में 73 लाख रुपये का मकान जुलाई 2024 में खरीदा था। वहीं पत्नी के नाम पर झांसी की गणेश रेजिडेंसी में अप्रैल 2024 में 68 लाख रुपये का घर खरीदा था। इसके अलावा स्पेस मून सिटी में अगस्त 2025 में 25.49 लाख रुपये की संपत्ति भी पत्नी के नाम खरीदी थी। सीबीआई के छापे के दौरान उनके आवास और बैंक लॉकर से करीब 70 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई थी। अलग-अलग बैंक खातों और एफडी में 68 लाख रुपये से नकदी मिली थी। वहीं 1.12 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवरात भी बरामद किए गए थे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें