पीएम कुसुम सोलर पंप योजना के नाम पर भारी-भरकम सब्सिडी दिलाने का लालच देकर साइबर ठग किसानों को निशाना बना रहे हैं। उनको फर्जी कॉल, व्हाट्स एप मैसेज एवं नकली अप्रूवल लेटर भेजे जा रहे हैं। रजिस्ट्रेशन शुल्क, फाइल प्रॉसेसिंग फीस के बहाने उनसे पैसे वसूल लिए जाते हैं। कई बार ओटीपी पूछकर जालसाज बैंक खाते तक खंगाल डालते हैं। कृषि विभाग एवं साइबर पुलिस के पास इस तरह से ठगी के शिकार लोग रोजाना पहुंच रहे हैं। ऐसे मामलों को बढ़ता देख कृषि विभाग को एडवाइजरी जारी करनी पड़ी।

कृषि अधिकारियों ने बताया कि जालसाज खुद को कृषि विभाग अथवा ऊर्जा विभाग का कर्मचारी बताकर किसानों से संपर्क करते हैं। किसानों से सोलर पंप आवेदन स्वीकृत हो जाने की बात कहते हुए जल्द औपचारिकताएं पूरी करने का दबाव बनाते हैं। उनको भरोसे में लेकर ऑनलाइन भुगतान करने को कहते हैं। कई मामले ऐसे सामने आए जिसमें फार्म स्वीकृत करने के लिए ओटीपी मांगा गया। इसके कुछ देर बाद खाते से पैसे निकाल लिए गए। बाद में न फोन उठाया जाता है न कोई जवाब मिलता है। इसी तरह पीएम कुसुम योजना जैसी सरकारी योजनाओं के नाम से मिलती-जुलती नकली वेबसाइट बनाकर उसके सहारे भी ठगी की जा रही है। ऐसे मामले सामने आने के बाद कृषि विभाग ने किसानों से सतर्क रहने को कहा है।

केस 1

सकरार निवासी रामसेवक कुशवाहा को फोन करके सोलर देयक सब्सिडी में चयनित हो जाने की बात कही गई थी। टोकन नंबर जेनरेट करने के बहाने उससे ओटीपी ले लिया। कुछ देर बाद खाते से 22 हजार रुपये निकल गए। उनका नाम भी सब्सिडी सूची में नहीं था।

केस 2

बबीना निवासी अरविंद उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने एक साइट पर पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप बुक किया था। कुछ देर बाद उनके पास फोन आया। फोन करने वाले ने रजिस्ट्रेशन एवं अन्य औपचारिकताओं के नाम पर दस हजार रुपये जमा कराए लेकिन पंप नहीं मिला। कृषि विभाग में संपर्क करने पर वह साइट फर्जी निकली।

केस 3

चिरगांव निवासी दशरथ राजपूत के पास खुद को कृषि विभाग का कर्मचारी बताते हुए जालसाज ने फोन किया। उसने सोलर पंप लाभार्थी सूची में नाम चयनित हो जाने की बात कहते हुए टोकन मनी जमा करने को कहा। इसके बदले 70 हजार रुपये की सब्सिडी दिलाने की बात कही। इस लालच में आकर दशरथ ने पैसा भेज दिया। कृषि विभाग पहुंचने पर उनको इस फर्जीवाड़े के बारे में पता चला।

कैसे बचें साइबर ठगी से

किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें।

ओटीपी, डेबिट कार्ड पिन और बैंक डिटेल किसी को न दें।

केवल सरकारी वेबसाइट या कार्यालय से जानकारी लें।

ठगी होने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

कई किसानों के पास फर्जी कॉल आने की सूचना आई है। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। पीएम कुसुम सोलर पंप योजना के अंतर्गत जिन किसानों ने बुकिंग कराई थी, उनके टोकन कंफर्म कर दिए गए हैं। चयनित किसान अपना अंश बुधवार तक जमा कर सकते हैं। – एमपी सिंह, उपनिदेशक कृषि



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