स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली कंपनी भले ही बिजली चोरी पर नियंत्रण का दावा कर रही है, लेकिन उपभोक्ता परेशान हैं। बैलेंस खत्म होकर कब बिजली गुल हो जाती है, पता ही नहीं चलता।
स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली कंपनी भले ही बिजली चोरी पर नियंत्रण का दावा कर रही है, लेकिन उपभोक्ता परेशान हैं। बैलेंस खत्म होकर कब बिजली गुल हो जाती है, पता ही नहीं चलता।
नहीं आ रहे मैसेज
विद्युत वितरण निगम लिमिटेड आगरा ने जीरो बैलेंस होने पर कनेक्शन तत्काल काटने के आदेश जारी किए थे। यह सिलसिला 14 मार्च से शुरू भी हो गया। अब तक करीब 10 हजार कनेक्शन काटे जा चुके हैं। हालांकि रि-चार्ज कराने के बाद जोड़े भी जा रहे हैं। उपभोक्ताओं की परेशानी यह है कि कनेक्शन काटने से पहले उनको सूचना नहीं मिल रही है। स्मार्ट मीटर लगाने वाली जीनस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के जोनल प्रभारी शिव पालिया का कहना है कि संदेश भेजे जाते हैं, लेकिन जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर कंपनी में पंजीकृत नहीं होंगे, उन्हें संदेश नहीं जा रहे होंगे। अधिशासी अभियंता (कॉमर्शियल) रविंद्र कुमार का कहना है कि शुरुआती बैठकों में तय किया गया था कि जीनस कंपनी संदेश भेजेगी। लेकिन अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो जानकारी कराई जाएगी।
यह बोले उपभोक्ता
आशिक चौराहा के पास रहने वाले मोहित पंडित का कहना है कि दो दिन पहले उनका कनेक्शन काट दिया गया था लेकिन इससे पहले उन्हें सूचना नहीं दी गई। सीपरी बाजार निवासी कमलकांत का कहना है कि उन्हें कनेक्शन काटे जाने की सूचना नहीं मिली। वरना वे पहले ही रि-चार्ज करा लेते।