होली पर शराब की रिकॉर्ड बिक्री ने आबकारी विभाग की झोली भर दी। एक से पांच मार्च के बीच जनपद में 12.10 करोड़ रुपये की शराब बिकी, जो पिछली बार के मुकाबले करीब 70 लाख रुपये अधिक है। इस दफा 3.38 लाख से ज्यादा बोतलों की बिक्री हुई, इनमें सबसे ज्यादा मांग अंग्रेजी शराब की रही।
झांसी वालों ने होली पर रंग के साथ जाम भी जमकर छलकाए। पांच दिनों में शराब बिक्री का आंकड़ा 12 करोड़ के पार पहुंच गया जबकि सामान्य तौर पर 5 से 6 करोड़ की शराब ही बिकती है। सबसे अधिक अंग्रेजी शराब की खपत हुई। जनपद में इसकी कुल 2,27,353 बोतल की बिक्री हुई, जिससे 6.64 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। देसी शराब की 90,760 बोतलें बिकीं, जिनसे 4.41 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। वहीं, बीयर की 19,238 बोतलों की बिक्री दर्ज की गई, इससे करीब 1.05 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। पांच दिनों में ही आबकारी विभाग को 12.10 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। इनमें भी एक दिन शराब की दुकान बंद रही।
आबकारी विभाग के अफसरों के मुताबिक होली में शराब की बिक्री में हर साल इजाफा होता है। आबकारी अधिकारी मनीष कुमार के मुताबिक इस बार भी बिक्री अधिक हुई है। उनका कहना है कि कच्ची शराब पर कार्रवाई से सरकारी दुकानों पर खरीद बढ़ी है।
