खाद के लिए तड़के तीन बजे से समिति पर किसानों का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह तक किसानों की लंबी-लंबी कतारें नजर आने लगीं थीं। महिला किसानों की संख्या भी खासी थी। लेकिन, दोपहर तकरीबन एक बजे तक समिति के ताले नहीं खुले। इससे किसान आक्रोशित हो गए
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