अंजलि बताती हैं कि उनके पति डॉ. विवेक वर्मा भी इस कार्य में जुड़े हैं। वह हर माह तीन से चार कैंप कुपोषित बच्चों के लिए मुफ्त करती हैं।

अंजलि वर्मा
– फोटो : अमर उजाला
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अंजलि वर्मा
– फोटो : अमर उजाला
गर्भावस्था में खून की कमी से कई बार प्रसव के दौरान महिलाओं की मौत हो जाती है। असंतुलित खानपान की इसी समस्या को दूर करने की ठानी अंजलि वर्मा ने। उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से आहार एवं पोषण विज्ञान में परास्नातक करने के बाद कई जगह डायटिशियन की नौकरी की मगर इसके बाद खुद का सेंटर खोलकर महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य की सलाह देकर बीमारियों से दूर करने के प्रयास में लगी हुई हैं।