भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) की झांसी इकाई में 2.61 करोड़ का स्क्रैप घोटाला उजागर हुआ है। स्क्रैप का ठेका लेने वाली फर्म ने दो साल के बीच करीब 34 मीट्रिक टन तांबा चोरी कर बाहर भेज दिया। आंतरिक सतर्कता कमेटी की जांच में यह मामला सामने आया। शनिवार को भेल की ओर से दिल्ली स्थित फर्म समेत उसके संचालकों के खिलाफ बबीना थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
भेल प्रबंधक (सीआरएक्स) प्रमोद यादव ने पुलिस को बताया कि नई दिल्ली स्थित अरमान स्टील ने स्क्रैप का ठेका लिया है। सोनिया विहार, दिल्ली निवासी अब्दुल गफ्फार नवी एवं अब्दुल परवेज चौधरी यह काम संभालते हैं। स्क्रैप तौल के लिए कारखाने में इलेक्ट्रानिक तौल मशीन लगाई गई है। फर्म ने अपने कर्मचारियों की मदद से इस मशीन में छेड़छाड़ करते हुए इसके डिजिटल डिस्प्ले रिमोट, कंट्रोल्ड पीसीबी समेत वायरलेस रिमोट उपकरण अपने नियंत्रण में ले रखा था। इसके बाद तौल में हेरफेर कर स्क्रैप बाहर भेजा जाने लगा। भेल अफसरों ने आशंका जताई कि यह खेल वर्ष 2022 से ही आरंभ हो गया, लेकिन इसकी भनक नहीं लगी। गड़बड़ी का अंदेशा होने पर भेल की सतर्कता टीम ने जांच शुरू की। जांच में स्क्रैप में की जा रही गड़बड़ी पकड़ी गई। स्क्रैप ले जाने में जिन वाहनों को ले जाया जा रहा था, उनका पंजीकरण भी संदिग्ध मिला। फर्म ने पीसीबी चिप के माध्यम से तौल कांटे में छेड़छाड़ करते हुए रीडिंग बदलकर बड़ी मात्रा में तांबा को स्क्रैप बनाकर बाहर भेज दिया। करीब 34 मीट्रिक टन अतिरिक्त तांबा बाहर भेजा गया।
प्रबंधक प्रमोद यादव की तहरीर पर पुलिस ने कंपनी समेत संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि पुलिस हर स्तर से मामले की छानबीन कर रही है।
