उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया, जिसमें यह कहा गया कि अस्पताल में रखे आग बुझाने के उपकरण एक्सपायर हो गए। उन्होंने कहा कि सभी अग्निशमन उपकरण पूरी तरह से ठीक हैं।


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Jhansi fire incident Fire safety arrangements were seen in February trial took place in June

झांसी अग्निकांड
– फोटो : अमर उजाला



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झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने के बाद बताया गया कि अस्पताल में आग बुझाने के उपकरण एक्सपायर हो गए, इसलिए उनका उपयोग नहीं किया जा सका। इसके बाद डिप्टी सीएम ने इन रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा कि फरवरी में मेडिकल कॉलेज में अग्नि सुरक्षा ऑडिट किया गया था और जून में एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी। अब अगर कुछ महीने पहले ही अस्पताल में फायर सेफ्टी का ट्रायल किया गया, तब तो सब सही बताया गया… फिर घटना के वक्त सबकुछ कैसे फैल हो गया?

महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है। इस अस्पताल के  नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में शुक्रवार रात में बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग में जलकर 10 बच्चों की मौत हो गई। घटना में अन्य 16 बच्चे घायल होकर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस वार्ड में आग लगी, उसमें कुल 55 बच्चे थे। 



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