Jhansi medical fire: Sparking turned out to be the cause of the fire

झांसी
– फोटो : Self

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मेडिकल कॉलेज में हुए अग्निकांड की मंडलायुक्त ने जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अग्निकांड की वजह प्लग से हुई स्पार्किंग को बताया गया है। रिपोर्ट में तीमारदार और स्टाफ के 18 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं।

मेडिकल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा केंद्र (एसएनसीयू) में शुक्रवार की रात भीषण आग लग गई थी। इसके अगले दिन सुबह झांसी आए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मंडलायुक्त को घटना की जांच कर 12 घंटे के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। 

जांच में घटना के वक्त वार्ड में मौजूद स्टाफ आठ लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा भर्ती नवजातों के 10 परिजन के बयान भी लिए गए हैं। जांच में सामने आया है कि वार्ड में आग एक प्लग में हुई स्पार्किंग की वजह से लगी थी। कमिश्नर की जांच में आपराधिक कृत्य या लापरवाही सामने नहीं आई है।

मरने वाले नवजात शिशुओं की संख्या 11 

झांसी मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू में आग में मरने वाले नवजात शिशुओं की संख्या रविवार को बढ़कर 11 हो गई है। शुक्रवार की रात एसएनसीयू में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। जिसमें 10 बच्चों की मौत हो गई थी। डीएम ने बताया कि हादसे के समय एसएनसीयू में 49 नवजात शिशु थे। 39 शिशुओं का रेस्क्यू किया गया था। डीएम अविनाश कुमार ने बताया कि रविवार को उपचार के दौरान एक और शिशु की मुत्यु हो गई है। इससे हादसे में मरने वालों की संख्या 11 पर पहुंच गई है।

बढ़ गया था लोड

एसएनसीयू वार्ड में जन्म के तुंरत बाद पीलिया, निमोनिया के शिकार नवजातों को रखा जाता है। नवजात के तापमान को अनुकूल करने के लिए वार्मर भी लगाए गए हैं। जानकारों के मुताबिक यहां क्षमता से तीन गुना अधिक नवजात भर्ती किए गए थे। इस वजह से जीवनरक्षक उपकरणों को लगातार चलाए रखना पड़ रहा था। मॉनिटरिंग मशीन भी लगातार चलती रहती है। तीन-चार घंटे बाद लोड को कम करने के लिए इनमें से कुछ उपकरणों को बंद करना होता है।

परिजनों के खाते में भेजे पांच-पांच लाख

शासन की ओर से मृत व घायल नवजातों के परिजन को सहायता राशि भी उपलब्ध कराई है। नौ मृत बच्चों के परिजन के खाते में रविवार को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि भेजी गई। एक मृत बच्चे के परिजन का बैंक खाता खुलने के बाद उसे सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा घायल बच्चों के परिजन को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी गई।



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