अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शो रूम से निकलतीं आग की लपटों और धुएं के गुबार को देखकर पूरे इलाके के लोग सहम उठे। आग और धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से ही दिखाई पड़ रहा था। पुलिस ने भी खतरे को देखते हुए शोरूम के आसपास के सभी घरों को खाली करा दिया। यहां से लोगों को हटाकर नंदनपुरा स्थित शेल्टर होम भेजा गया है। वहीं, पूरे इलाके की लाइट भी काट दी गई है। बचाव कार्य के देर-रात तक जारी रहने की वजह से यहां मंगलवार को ही विद्युत आपूर्ति चालू होने की उम्मीद है। इसी तरह रामा बुक डिपो चौराहा के आसपास रहने वाले लोग अपने घरों में ताला लगाकर अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए। इस पूरे इलाके की पुलिस ने घेराबंदी कर दी है। वहीं, शेल्टर होम तक पहुंंचाने के लिए अपर नगर आयुक्त मो.कमर एवं उप नगर आयुक्त अमित सिंह को भी वहां तैनात कर दिया गया था। निगम अफसरों के मुताबिक 70 से अधिक लोगों को शेल्टर होम में ठहराया गया है।
वीडियो बनाने में लगे रहे लोग
जिस समय दोनों शोरूम के भीतर कर्मचारी मौत के मुंह में फंसे हुए थे। बाहर फायर ब्रिगेडकर्मी अपनी जान पर खेलकर बचाव कार्य में जुटे थे, उस समय बड़ी संख्या में लोग वहां खड़े होकर वीडियो बना रहे थे। वीडियो बनाने के फेर में बराबर यह लोग फायर कर्मियों के सामने आ जा रहे थे। इस वजह से इनको भी यहां से खदेड़ने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ रही थी। तमाम सारे लोग ऐसे भी वहां नजर आए जो अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल से इस पूरी घटना को लाइव दिखा रहे थे। पुलिस को इन्हें वहां से भगाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सेना के आने के बाद काबू में आई आग
विकराल आग की लपटें देख जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने सेना से मदद मांगी। करीब एक घंटे बाद सेना की पहली दमकल पहुंची। इसके बाद एक के बाद एक सेना की दमकल गाड़ियां यहां आना शुरू हो गईं। छोटी और बड़ी कुल मिलाकर सेना की पचास से अधिक गाड़ियां यहां आईं। इन गाड़ियों में लगे जेट की वजह से पानी सीधे दूसरी मंजिल के भीतर तक पहुंच रहा था। सेना की मदद से आग काबू में आ सकी।
दमकलकर्मियों का मशीन ने नहीं दिया साथ
इमारत से निकलने वाले धुएं से पूरा आसमान काला हो उठा था। दमकल कर्मी अपनी पूरी ताकत से आग पर काबू करने की कोशिश में जुटे रहे। दो घंटे में 20 गाड़ियों का पानी खाली कर दिया, लेकिन आग काबू में नहीं आई। दमकल कर्मियों के पास मौजूद मशीन से प्रेशर अधिक नहीं बन रहा था। इस वजह से इसकी फुहारें अधिक दूर तक नहीं जा पा रही थीं। दमकलकर्मी इस वजह से भी काफी समय तक जूझते रहे।
