अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। सोमवार की दोपहर साढ़े बारह बजे गर्मी में चक्कर आने से लड़खड़ाए रेल कर्मचारी पर बस चढ़ गई। बस उन्हें 100 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। क्योंकि भीड़भाड़ वाले कचहरी चौराहे की घटना थी, लिहाजा लोगों ने शोर मचाकर किसी तरह बस को रुकवाया। लेकिन तब तक रेल कर्मचारी खून से लथपथ हो चुका था। मेडिकल काॅलेज ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद चालक बस को छोड़कर फरार हो गया। परिवार वालों का कहना है कि आठ दिन बाद उनकी सेवानिवृति होनी थी।

सदर कैंट निवासी करीम खान (59) डीआरएम कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। सोमवार सुबह वह रोजाना की तरह ड्यूटी पर जाने को घर से निकले थे। दोपहर करीब 12-30 पर वह किसी काम से कचहरी चौराहा की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है तेज गर्मी की वजह से अचानक उनको चक्कर आ गया। इस वजह से स्कूटी चलाते समय वह लड़खड़ा उठे। किसी तरह स्कूटी खड़ी करके जैसे ही वह बगल में बैठने को हुए, सामने से आई मध्य प्रदेश की बस ने उनको चपेट में ले लिया। करीब सौ मीटर तक बस में फंसकर वह घिसटते चले गए। जब तक लोगों ने बस को रुकवाया तब तक करीम बुरी तरह घायल हो चुके थे। उनके सिर, हाथ एवं पांव में गंभीर चोट आ गईं। पूरा शरीर खून से लथपथ हो गया। घायल करीम को पुलिस और आसपास के लोगों ने मेडिकल कॉलेज पहुंंचाया लेकिन, डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलने पर उनका बड़ा पुत्र जावेद समेत अन्य रिश्तेदार भी पहुंच गए। परिजनों का कहना है 31 मई को उनकी सेवानिवृति थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। सदर थाना प्रभारी अमीराम का कहना है कि बेटे जावेद की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही बस को कब्जे में ले लिया गया है।

इनसेट

दो घंटे तक पंचनामा की खातिर दो थानों का चक्कर काटते रहे परिजन

करीम की मौत के बाद परिजन पंचनामा भरवाने को दो घंटे तक थानों का चक्कर ही काटते रहे। पहले वह नवाबाद थाने पहुंचे लेकिन, पुलिसकर्मियों ने सदर थाने का मामला बताकर टरका दिया। इसके बाद परिजन सदर थाने पहुंचे। यहां भी पुलिसवाले अपने इलाके का मामला मानने को राजी नहीं थे। करीब दो घंटे तक परेशान होने के बाद सदर थाने से उनका पंचनामा भरा गया। इसके बाद जाकर शव का पोस्टमार्टम कराया जा सका।

गार्ड ने लाठी मारकर तोड़ा बहू का हाथ

करीम की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में चीख पुकार मच गई। बेटा जावेद पत्नी निशा समेत अन्य रिश्तेदारों को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंच गया। यहां गेट नंबर एक के पास उनकी गार्ड से बहस होने लगी। गार्ड ने इन लोगों को भीतर जाने से रोक दिया। परिजनों का आरोप है कि गार्ड ने लाठी से जावेद और उसकी पत्नी निशा पर हमला बोल दिया। इस दौरान गार्ड ने निशा के ऊपर भी डंडा चलाया। इससे उसका हाथ टूट गया। उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।



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