झांसी। गो संरक्षण प्रदेश सरकार की प्राथमिकता पर होने के बाद भी गो आश्रय स्थलों के संचालन पर बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही हैं। किसी आश्रय स्थल से गोवंशों को छुट्टा छोड़ दिया गया है, तो कहीं उनके लिए चारे का इंतजाम नहीं है। इस तरह के मामले पकड़े जाने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन ग्राम प्रधानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर पशु चिकित्साधिकारियों द्वारा गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया गया। बबीना ब्लॉक के गांव ठकुरपुरा के गो आश्रय स्थल के पहले निरीक्षण में यहां पशुओं के लिए भूसा-चारा नहीं पाया गया था। दूसरे निरीक्षण में हालात और भी खराब मिले। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि आश्रय स्थल में रहने वाले सभी पशुओं को छुट्टा छोड़ दिया गया है। केयर टेकर ने बताया कि ग्राम प्रधान ने सभी पशुओं को छुड़वा दिया है।
बड़ागांव ब्लॉक के ग्राम पोहरा के गो आश्रय स्थल के निरीक्षण में पशु आहार बेहद कम मात्रा में उपलब्ध पाया गया था। यहां 46 पशुओं के लिए सिर्फ पांच क्विंटल भूसा ही उपलब्ध था। कमोबेश यही स्थिति बंगरा ब्लॉक के ग्राम कुआं गांव में स्थित गो आश्रय स्थल में भी सामने आई थी। यहां 60 पशु पाए गए थे और उनके लिए सिर्फ पांच क्विंटल भूसा ही उपलब्ध था।
इस पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर तीनाें ग्राम प्रधानों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।