अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। दसवीं कक्षा की छात्रा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी की जेल से रिहाई नहीं हो पाई। विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम शक्तिपुत्र तोमर की अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति ने प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि उसकी 16 साल की बेटी क्षेत्र के ही एक स्कूल में कक्षा दसवीं में पढ़ती थी। स्कूल से आते-जाते समय महावीरन नगरा निवासी पुष्पेंद्र साहू उसके साथ आए दिन छेड़खानी करता था। इसकी शिकायत प्रेमनगर थाने में की गई थी, लेकिन दिसंबर 2022 में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया था। इसके बाद भी युवक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। इससे किशोरी मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। इसी परेशानी में उसने नौ सितंबर को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी की ओर से रिहाई के लिए जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे न्यायालय ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
