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– दो साल तक के बच्चों को टीवी भी न दिखाएं, नींद में आ सकती कमी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। कभी शोरशराबा करने तो कभी खाना खिलाने के लिए परिजन दो साल या इससे छोटी उम्र के बच्चों को मोबाइल फोन थमा देते हैं। ये बच्चों के देर से बोलने यानी स्पीच डिले का कारण बन सकता है। इसके अलावा बच्चे की नींद में भी कमी आ सकती है।
अक्सर घर में शोर शराबा करने पर बच्चों को बहलाने के लिए परिजन मोबाइल चलाने के लिए दे देते हैं। मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आराधना कनकने ने बताया कि बच्चों के देर से बोलने की एक वजह मोबाइल, टीवी भी हो सकते हैं। दो साल तक के बच्चों को तो इनसे पूरी तरह दूर रखना चाहिए। क्योंकि, इनमें व्यस्त रहने वाला बच्चा दूसरों से संवाद बहुत कम करता है। वह इशारों में अपनी बातें कहने लगता है। यही वजह उसके बोलने में देरी का कारण बन सकती है। साथ ही स्क्रीन की नीली रोशनी नींद कम होने का कारण बन सकती है। वहीं, मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन ने बताया कि ज्यादा मोबाइल देखने से मानसिक विकास पर भी असर पड़ता है।
इन बातों का दें ध्यान
– एक साल में बच्चा दो शब्द बोलने लगता है।
– डेढ़ साल में 20 से 25 शब्द तक बोलता है।
– दो साल में 50 शब्द या वाक्य बोलने लगता है।
