झांसी। झांसी बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जेबीडा) को धरातल पर उतारने की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इसके तहत सबसे पहले इसके लिए चिह्नित की गई 36 गांवों की 10,450 हेक्टेअर जमीन को खरीदने का काम शुरू होगा। इस पर 5,750 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। इसके बाद इसे विकसित किया जाएगा। इसका भी खाका तैयार कर लिया गया है।
फरवरी माह में लखनऊ में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश के सभी जनपदों से अधिक झांसी में निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। 216 निवेशकों ने यहां एक लाख चालीस हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव दिए थे। निवेशकों को अपनी इकाई लगाने के लिए झांसी सदर तहसील के रक्सा क्षेत्र के 36 गांवों में जेबीडा विकसित किया जा रहा है। सरकार की ओर से उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को आठ हजार करोड़ रुपये की धनराशि भी जारी कर दी है। इसके साथ ही अब इसे विकसित करने की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
इसके तहत सबसे पहले चिह्नित जमीन की खरीद की जाएगी। इस पर 5,750 करोड़ रुपये की अनुमानित धनराशि खर्च की जाएगी। जमीन क्रय करने के बाद यहां सड़कें बनाई जाएंगी। बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस पर प्रति हेक्टेअर 2.5 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान जताया गया है।
चूंकि, यूपीसीडा के पास जीबीडा के लिए आठ हजार करोड़ रुपये की धनराशि पहले से ही उपलब्ध है। ऐसे में माना जा रहा है कि तकनीकी परीक्षण के बाद कार्ययोजना को स्वीकार कर जल्द मौके पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
प्राइवेट जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक है जारी
झांसी। झांसी बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण सदर तहसील के रक्सा क्षेत्र के शिवपुरी हाईवे के 36 गांवों में विकसित किया जा रहा है। इसके चलते प्रशासन की ओर से पांच अप्रैल को डोमागोर, पुनावली कला, गेवरा, सिमरा, सारमऊ, कलौथरा, परवई, पलींदा, पाली पहाड़ी, ढिकौली, कोटखेरा, अंबावाय, सिजवाहा, डगरवाहा, वमेर, वाजना, राजपुर, बछौनी, परासई, इमिलिया, अमरपुर, गागौनी, बदनपुर, बसाई, खैरा, बैदोरा, चमरौआ, खजराहा बुजुर्ग, खजराहा खुर्द, मुरारी, किल्चुवारा बुजुर्ग, मथुरापुरा, रक्सा, बरुआपुरा, सफा व किल्चुवारा खुर्द में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी थी, जो अभी भी जारी है।
बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास के लिए सरकार जेबीडा विकसित करने जा रही है। इसे लेकर कार्यवाही तेजी से जारी है। यहां उद्यमियों को आसानी से उनकी जरूरत के अनुसार जमीन हासिल हो सकेगी।
– मनीष चौधरी, उपायुक्त उद्योग