दो साल में सिर्फ 1.42 लाख घरों को मिला कनेक्शन

-मुख्यमंत्री की तरफ से दी गई नई डेडलाइन में हर घर जल परियोजना का काम पूरा होना मुश्किल

अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। हर घर जल परियोजना के तहत मुख्यमंत्री ने घरों तक टोटी से पानी पहुंचाने की नई डेडलाइन अगस्त माह तय कर दी है। लेकिन, हकीकत में जमीन पर जिस रफ्तार से काम चल रहा, उसे देखते हुए इस तय समयावधि के भीतर काम पूरा हो पाना बेहद मुश्किल दिख रहा है। झांसी में कुल 2.56 लाख घरों को पानी का कनेक्शन दिया जाना है लेकिन, दो साल में महज 1.42 लाख घरों को ही यह कनेक्शन दिए जा सके। अब मुख्यमंत्री के दावे के मुताबिक अगले 60 दिनों के भीतर जल निगम को 1.14 लाख घरों को कनेक्शन देना चुनौती जैसा है।

बुंदेलखंड में पीने के पानी की समस्या खत्म करने के लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ की हर घर जल परियोजना आरंभ की। 19 जून 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद चिरगांव ब्लॉक के मुराटा गांव में आकर इस परियोजना की शुरूआत की थी। इसके माध्यम से जनपद में 11.51 लाख लोगों को पीने का पानी पहुंचाया जाना था।

उधर, एक साथ दस परियोजनाओं पर काम आरंभ हुआ। शुरूआत में वर्ष 2022 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का समय तय किया गया था। लेकिन, कई वजहों से यह काम पूरा नहीं हो सका। अब घरों तक अक्तूबर माह तक पानी पहुंचाने को कहा गया है। उसके पहले अगस्त माह तक सभी घरों में पानी के कनेक्शन कर दिए जाने हैं। अब इस समयावधि में सिर्फ 60 दिन बाकी हैं। लेकिन, अभी करीब चालीस फीसदी से अधिक काम शेष है। आंकड़ों के मुताबिक जनपद में कुल 256673 घरों में पानी का कनेक्शन दिया जाना है लेकिन, अभी तक 142322 घरों को ही कनेक्शन दिए जा सके। अभी 114351 घरों को कनेक्शन दिया जाना शेष है।

कई इलाकों में पानी के कनेक्शन कर दिए गए लेकिन, मजे की बात यह है कि इनमें से कई इलाकों में कई माह बीत जाने के बाद भी अब तक पाइपलाइन ही नहीं बिछ सकी।

आंकड़ों में कार्य की प्रगति

कुल भवनों की संख्या ग्रामीण 209673

शहरी 47 हजार

कुल 2,56,673

किए गए कनेक्शन- ग्रामीण 119322

शहरी 23 हजार

कुल- 142322

शेष कनेक्शन की संख्या- 1,14,351

बरथरी पेयजल योजना में सिर्फ 50 फीसदी ही काम पूरा

इसके लिए पूरे जनपद में अलग-अलग दस परियोजनाएं गुलारा, बचावली, तिलैथा, बुढ़पुरा, बरथरी, टेहरका, इमलौटा, कुरैंचा, पुरवा एवं बढ़वार में चल रही हैं। अभी सबसे धीमा काम बरथरी ग्राम समूह में चल रहा है। यहां सिर्फ 50 फीसदी काम ही पूरा हो सका जबकि टहेरका में 53 प्रतिशत, इमलौटा में 62 फीसदी काम हुआ है। पुरवा जल परियोजना का सबसे अधिक 95 फीसदी काम पूरा हो गया है।

इस वजह से पिछड़ गया पाइपलाइन बिछाने का काम

– इजराइली कंपनी तहल ने करीब एक साल तक कोई काम नहीं किया। उसके हिस्से का काम ठप पड़ा रहा।

– कार्यदायी एजेंसियों को पाइप की कमी से भी जूझना पड़ा। इस वजह से भी काम में तेजी नहीं आई।

– पिछले साल सीमेंट एवं सरिया के दाम भी बढ़ गए थे। इस वजह से भी प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका।

करीब 75 फीसदी काम पूरा हो गया है। शासन की ओर से जो डेडलाइन तय की गई, उस सीमा के भीतर काम पूरा कर लिया जाएगा।

-रणविजय सिंह, अधिशासी अभियंता



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