अंतिम बार 2009 में विश्वविद्यालय ने दी थी ये उपाधि, 30 सितंबर को है दीक्षांत समारोह
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय 13 साल बाद फिर से मानद उपाधि देने जा रहा है। 30 सितंबर को होने वाले दीक्षांत समारोह में अहमदाबाद स्थित इसरो के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के निदेशक नितिन देसाई को ये उपाधि दी जाएगी। इससे पहले बीयू पूर्व प्रधानमंत्री से लेकर फिल्म अभिनेता तक को ये उपाधि दे चुका है।
केंद्रीय मंत्री रहे रामविलास पासवान ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से परास्नातक की उपाधि प्राप्त की थी। साथ ही उन्हें मानद उपाधि भी बीयू ने दी थी। मगर मानद उपाधि की सूची में सबसे बड़ा नाम पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह का शामिल है। हालांकि, उन्हें निवास स्थान पर जाकर यह उपाधि दी गई थी। इसके अलावा महानायक अमिताभ बच्चन को भी बीयू ने डॉक्टरेट ऑफ साइंस की उपाधि से नवाजा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को भी ये उपाधि बीयू दे चुका है। इसी तरह, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे प्रो. एआर किदवई, हरियाणा के गवर्नर रहे बाबू परमानंद, एमपी के राज्यपाल रहे भाई महावीर, झांसी के प्रथम सांसद राघुनाथ विनायक धूलेकर, पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सुशीला नय्यर, यूजीसी चेयरमैन रह चुके प्रो. हरि प्रताप गौतम, लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष रहे माताप्रसाद, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी अशोक ध्यानचंद, जापान यूनिवर्सिटी के चांसलर रहे दायसाकू ईकेटा को भी बीयू द्वारा मानद उपाधि से नवाजा जा चुका है। इसके अलावा कई वैज्ञानिकों को भी डॉक्टरेट की उपाधि मिल चुकी है। अंतिम बार दो जनवरी 2009 को हुए दीक्षांत समारोह में राजनायिक रहे नरेंद्र सिंह सरीला को बीयू ने ये उपाधि दी थी। फिर 13 साल तक बीयू ने किसी को भी मानद उपाधि नहीं दी। इस दीक्षांत समारोह में बीयू फिर से मानद उपाधि देने जा रहा है।
क्या है मानद उपाधि
किसी शख्स को उनके उत्कृष्ट काम या समाज में बेहतरीन योगदान देने के लिए ऑनरेरी डिग्री (मानद उपाधि) दी जाती है।
इससे विश्वविद्यालय का ही सम्मान बढ़ता है।
