झांसी। पिछले नगर निगम सदन का हिस्सा रहे 36 निवर्तमान पार्षद खुद अथवा अपने परिजनों के सहारे चुनावी मैदान में उतरे लेकिन, दो निवर्तमान उपसभापति समेत 18 निवर्तमान पार्षदों को जनता की नाराजगी झेलनी पड़ी। इन सभी को हार का मुंह देखना पड़ा। वहीं, 18 पार्षद दोबारा वापसी करने में सफल रहे।
भाजपा से टिकट न मिलने से नाराज होकर पूर्व उपसभापति राजेश त्रिपाठी सिविल लाइंस उत्तरी से मैदान में थे लेकिन, 329 वोट से वह हार गए। भाजपा से बगावत करके नरसिंह राव टोरिया वार्ड से उतरे पूर्व उपसभापति अनिल सोनी को भी हार झेलनी पड़ी। वार्ड तीन से निवर्तमान पार्षद कमलेश भारती की बहू पूजा सचान मैदान में थीं लेकिन, उनको हार का मुंह देखना पड़ा। खुशीपुरा प्रथम से इंदू वर्मा, लहरगिर्द से जुगल किशोर, डडियापुरा द्वितीय से बालकिशन, दतिया गेट से अजीदा मकरानी, सीपी मिशन से निर्दलीय उम्मीदवार दीपेश एवं भोडेला वार्ड से भाजपा पार्षद निर्दोष अग्रवाल, वार्ड संख्या 28 से सतीश कोटिया को भी जनता ने ठुकरा दिया। महापौर के कांग्रेसी उम्मीदवार एवं निवर्तमान पार्षद अरविंद बबलू ने हंसारी गिर्द वार्ड से अपनी भाभी सुनीता को उतारा था लेकिन जीत नहीं सके। बसपा के बागी विमल किशोर की पत्नी प्रतिमा, निवर्तमान पार्षद अंजली यादव, उर्मिला, प्रियंका, कमर खातून एवं अब्दुल जबीर अपने करीबी रिश्तेदारों के जरिए चुनावी मैदान में थे लेकिन, जनता ने इन पर भरोसा नहीं जताया।
इनसेट
निवर्तमान पार्षद छोटेलाल को मिले महज 16 मत
वार्ड संख्या 15 गढियागांव से पिछले चुनाव में निर्दलीय चुनाव जीते निवर्तमान पार्षद छोटेलाल को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इस दफा उनको महज 16 वोट ही हासिल हुए। इस वार्ड से भाजपा उम्मीदवार हरिओम मिश्रा ने 1410 वोट पाकर जीत हासिल की। यहां 12 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे लेकिन, मजे की बात यह है कि निवर्तमान पार्षद सबसे आखिरी स्थान पर रहे। पिछले चुनाव में छोटेलाल ने 672 वोट हासिल किए थे।
