निविदा डलने के बाद कई भाजपा पार्षदों ने मेयर से मिलकर जताई थी आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम ने शहर के 20 से ज्यादा वार्डों में विकास कार्य कराने के लिए टेंडर निकाला था। इनकी निविदा खोलने पर मेयर ने रोक लगा दी है। कई भाजपा पार्षदों ने मेयर से मिलकर निविदा निकाले जाने पर आपत्ति दर्ज कराई। पार्षदों ने कहा कि किसी वार्ड में एक भी टेंडर नहीं निकाला तो कहीं चार कामों की निविदा निकाली गई है। ऐसे में मेयर ने टेंडर निरस्त करने के आदेश दे दिए हैं।
निर्माण कार्यों के लिए नगर निगम ने सात जुलाई को टेंडर निकाला था। 15 से 22 जुलाई की दोपहर तीन बजे तक वार्ड एक हंसारी, वार्ड 32 पिछोर, वार्ड 30 उनाव गेट बाहर, वार्ड 41 नंदनपुरा, वार्ड 23 लहरगिर्द, वार्ड 51 सिविल लाइंस, वार्ड 55, वार्ड 56 नरसिंह राव टौरिया, वार्ड 58 गुसाईंपुरा, वार्ड 60 लक्ष्मण गंज समेत 20 से ज्यादा वार्डों में करीब 1.70 करोड़ से विकास कार्य कराने के लिए टेंडर डाले गए थे। किसी वार्ड में सड़क, नाला, नाले पर पुलिया का निर्माण होना है तो कहीं पर फूड स्ट्रीट में रेलिंग, बैठने और साइनेज का काम। कहीं साइड पटरी या फुटपाथ पर टाइल्स, नाली पर ड्रेन कवर का काम होना है तो कहीं कुएं की मरम्मत, पार्किंग शेड व बेंच का निर्माण। 22 जुलाई को दोपहर साढ़े तीन बजे बिड खोली जानी थी। मगर एक सप्ताह से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद अब तक बिड नहीं खोली गई है।
दरअसल, टेंडर निकलने के बाद कई पार्षदों ने मेयर से मिलकर आपत्ति दर्ज कराई। पार्षदों ने कहा कि कई वार्डों में विकास कार्य के टेंडर निकाले ही नहीं गए हैं। जबकि, कहीं एक तो कहीं चार वार्ड में टेंडर निकाल दिए गए। इस पर मेयर ने नगर निगम के अधिकारियों को टेंडर निरस्त करने के आदेश दे दिए।
बोर्ड ने सभी वार्डों की कार्ययोजना बनाकर काम को दी थी मंजूरी: मेयर
मेयर बिहारी लाल आर्य का कहना है कि बोर्ड की बैठक में सभी 60 वार्डों की कार्ययोजना बनाकर काम को मंजूरी दी गई थी। निवर्तमान मेयर की अंतिम बोर्ड बैठक में भी फैसला हुआ था कि मेयर की संस्तुति के बगैर कोई काम नहीं होंगे। नगर निगम अधिकारियों ने बिना पूछे टेंडर निकाल दिए। कई पार्षदों ने लिखित में आपत्ति दर्ज कराई। अब पूर्व में निकाले गए टेंडर को निरस्त करते हुए सभी वार्डों में समानता के साथ काम कराने के निर्देश दिए गए हैं।