अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें एक ही दिन में रिकॉर्ड 85,919 वादों का आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण हुआ। खास बात यह है कि लोक अदालत में निपटने वाले वादों में अपील नहीं की जा सकती है।
जिला न्यायालय परिसर में लोक अदालत की शुरुआत जनपद न्यायाधीश जफीर अहमद ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। जबकि कॉमर्शियल कोर्ट के पीठासीन अधिकारी रविंद्र विक्रम सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद अलग-अलग अदालतों में 168 वैवाहिक प्रकरण, 7,690 शमनीय आपराधिक वाद, 260 राजस्व वाद, 9,462 विद्युत उपभोक्ता वाद, 40 श्रम वाद, 537 बैंक ऋण संबंधी वाद, 30,645 जनहित गारंटी अधिनियम से संबंधित वाद समेत अन्य मुकदमों का निस्तारण हुआ। इस दौरान जनपद न्यायाधीश ने एनआई एक्ट से संबंधित दो वाद निस्तारित किए, जबकि कॉमर्शियल कोर्ट में 16 वादों का निस्तारण हुआ।
इस मौके पर अग्रणी जिला प्रबंधक अजय शर्मा, एसबीआई के रीजनल मैनेजर आरडी सिंह, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष उदय राजपूत, सचिव छोटेलाल वर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे। बाद में सभी के प्रति आभार अपर जिला जज व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अविनाश कुमार सिंह ने जताया।
