अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नवाबाद के बाबू लाल कारखाना के पास कॉलोनी में पति से विवाद के बाद पत्नी ने फांसी लगाकर जान दे दी। घर में उस समय सिर्फ उसकी पांच माह की बच्ची थी। जो फर्श पर लेटी हुई थी और बिलख रही थी। कुछ देर बाद घर पहुंचे पति ने उसे फंदे से उतारकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, मायके पक्ष के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। उन लोगों ने पति पर मारपीट का आरोप लगाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मायके पक्ष के आरोप की पुलिस छानबीन करने में जुटी है।
उल्दन के सिजारा गांव निवासी योगेंद्र सिंह परिहार बाबू लाल कारखाना परिसर में किराये के मकान में पत्नी राधिका (26) के साथ रहता था। योगेंद्र एक फाइनेंस कंपनी में काम करता है जबकि राधिका घर संभालती थी। पांच साल पहले उनकी शादी हुई थी। पांच माह पहले ही राधिका ने एक बच्ची को जन्म दिया था। परिजनों का कहना है कि मंगलवार शाम पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। इसके बाद कुछ देर के लिए योगेंद्र बाजार चला गया। शाम करीब सात बजे जब वह वह लौटकर आया तब राधिका फंदे से लटकी थी। बच्ची नीचे फर्श पर लेटी रो रही थी। यह देख योगेंद्र ने शोर मचाया। आसपास के लोग भी वहां आ गए। परिवार के लोग राधिका को फंदे से उतारकर मेडिकल काॅलेज पहुंचे। मायके पक्ष के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। डॉक्टरों ने राधिका को मृत घोषित कर दिया। उधर, राधिका के पिता गिरवर ने पति योगेंद्र समेत ससुराल जनों पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है राधिका को अक्सर योगेंद्र बुरी तरह पीटता था। दो दिन पहले भी उसने पिटाई की थी। राधिका ने फोन पर यह बात बताई थी। राधिका के मरने के बाद उनको सूचना दी गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
