अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। आईटीआई समेत कई अन्य प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेने के बाद अधिकांश छात्र कक्षाओं में ही नहीं आते। इसका खुलासा पिछले दिनों हुई जांच-पड़ताल में हुआ। अफसर जब जांच-पड़ताल को इन संस्थानों में पहुंचे तब यहां चुनिंदा छात्र ही कक्षाओं में मिले। अफसरों को आशंका है सिर्फ छात्रवृत्ति के लिए छात्रों ने प्रवेश ले लिया। ऐसे में इन संस्थाओं को नोटिस भेजकर छात्रों की उपस्थिति सत्यापित कराने को कहा गया है।
केंद्र एवं राज्य सरकार आईटीआई समेत अन्य प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति देती है। आईटीआई में प्रवेश लेने वाले छात्रों को सालाना करीब दस हजार से लेकर 14 हजार रुपये तक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाती है। झांसी में पांच सरकारी समेत कुल 60 प्राइवेट आईटीआई कॉलेज हैं। अगस्त माह तक इन संस्थाओं में प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली गई। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद पिछले दिनों छात्रों की कक्षाओं में उपस्थिति जांची गई। इसमें कई संस्थान ऐसे सामने आए जहां पचास से अधिक प्रवेश होने के बाद भी कक्षा में महज 5-10 छात्र ही निरीक्षण के दौरान मिले। इतनी कम संख्या देखकर अफसर भी चौंक उठे। आशंका जताई जा रही कि इन छात्रों ने छात्रवृत्ति के लिए एक साथ दो कोर्स में प्रवेश लिया हुआ है। वहीं, जिला पिछड़ा कल्याण अधिकारी केपी यादव के मुताबिक जिन संस्थाओं मेंं छात्रों की उपस्थिति बेहद कम मिली है, उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। शेष अन्य संस्थाओं की भी जांच की जा रही है।
