अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी वेतन भोगी सहकारी समिति के खाता संचालन पर एआर को-ऑपरेटिव ने रोक लगा दी है। खाते में 2 करोड़ से भी ज्यादा की रकम जमा है। एआर ने यह कार्रवाई 26 अप्रैल को एमएलसी बाबूलाल तिवारी और कर्मचारियों के दबाव में समिति के कार्यवाहक सचिव को हटाए जाने के बाद की है। इस दिन एआर का घेराव किया गया था। काफी हंगामा हुआ था। उस हंगामे का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें एमएलसी बाबू लाल कहते सुने जा रहे हैं कि यह लोग तुम्हारा मुंह काला करके घुमाएंगे।

करीब चार हजार सदस्यों वाली बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी वेतन भोगी सहकारी समिति में वर्चस्व को लेकर पिछले कई साल से घमासान छिड़ा है। फरवरी माह में चुनाव के एलान के बाद यह घमासान और तेज हो गया। तत्कालीन सचिव उत्तम सिंह पटेल ने इस्तीफा दे दिया। सचिव पद खाली हो जाने पर एआर ने जिला सहकारी बैंक के अनुभाग अधिकारी संग्रह संजीव सिंह को संचालन के लिए वित्तीय अधिकार दे दिए थे लेकिन, इससे समिति के सदस्य नाराज हो गए। एमएलसी बाबूलाल तिवारी भी नाराज होकर एआर कार्यालय जा पहुंचे। उनके दबाव में एआर को अनुभाग अधिकारी संग्रह को वित्तीय अधिकार देने वाला अपना फैसला वापस लेना पड़ा। अब मंगलवार को उन्होंने समिति के पीएनबी शाखा के बैंक खाते के संचालन पर रोक लगा दी। उनकी ओर से जारी आदेश में कहा गया कि सहकारी समिति फरवरी 2023 से जिला सहकारी बैंक को नियमित किस्त अदा नहीं कर रही, जबकि पीएनबी शाखा से संचालित खाते में दो करोड़ रुपये जमा हैं। इस खाते का संचालन समिति के सचिव के पास है। सचिव के न होने से इसमें फर्जीवाड़े की आशंका है। उधर, बैंक खाते के संचालन पर रोक लगाए जाने के बाद से समिति पदाधिकारियों में भी हड़कंप है।

जांच-पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई कि फर्जी तरीके से एक सचिव की नियुक्ति कर दी गई थी। ऐसे में समिति के बैंक खाते में जमा करीब दो करोड़ रुपये में गड़बड़ी की आशंका पैदा हो गई। इसको देखते हुए बैंक खाता संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

अनूप द्विवेदी, सहायक आयुक्त, सहकारिता

सहायक आयुक्त ने शासन को भेजी रिपोर्ट

सहायक आयुक्त ने जोर जबरदस्ती करके अनुभाग अधिकारी संग्रह को वित्तीय अधिकार दिए जाने संबंधी आदेश निरस्त कराए जाने की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अत्यधिक आक्रामक, अभद्र एवं अमर्यादित आचरण करते हुए तीन घंटे बंधक बनाकर शिक्षकों ने उनसे यह आदेश निरस्त करा लिया।



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