अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। गेहूं का खुले बाजार में दाम सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से करीब दो सौ रुपये अधिक पहुंच गया। इसके चलते गेहूं की सरकारी खरीद धड़ाम हो गई। खरीद सिर्फ 15 जून तक होनी है लेकिन, लक्ष्य के मुकाबले अब तक महज 14 फीसदी ही खरीद हो सकी है। सरकारी खरीद कम होने से आने वाले समय में गेहूं की कमी झेलनी पड़ सकती है।

केंद्र सरकार ने इस बार रबी सीजन में गेहूं की एमएसपी बढ़ाकर 2125 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया जबकि पिछले वर्ष दाम 2015 रुपये था। एमएसपी बढ़ाने के बाद भी इस बार खुले बाजार में गेहूं की कीमतें धड़ाधड़ आसमान छूती चली गईं। अडानी समेत अन्य प्राइवेट कंपनियों में भी गेहूं खरीद में खूब दिलचस्पी दिखाई। अभी खुले बाजार में 2300 रुपये-2425 रुपये में गेहूं खरीद हो रही है। अच्छी कीमत होने से किसान सरकारी क्रय केंद्रों के बजाय खुले बाजार में गेहूं बेच रहे हैं। इस बार झांसी जनपद के लिए 99 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया गया था लेकिन, अभी तक महज 14087.13 मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा जा सका। यह कुल गेहूं खरीद का महज 14.23 फीसदी ही है। वहीं झांसी मंडल में गेहूं खरीद में इस बार ललितपुर भी काफी पीछे रहा। गेहूं की खरीद अभी तक ललितपुर में सबसे अधिक होती रही है लेकिन, यहां महज नौ फीसदी गेहूं ही खरीदा जा सका है। संभागीय खाद्य नियंत्रक चंद्रभान यादव का कहना है कि बाजार में मूल्य अधिक होने से किसानों को उसका फायदा मिला है।

15 जून से आगे नहीं बढ़ी सरकारी खरीद

सरकारी खरीद इस दफा 15 जून तक ही होनी है। अभी तक इसके आगे बढ़ने संबंधी कोई भी पत्र नहीं आया। हर साल 15 जून तक खरीद की पहली तिथि रहती थी लेकिन, अंतिम दिन इसे बढ़ाकर 30 जून तक कर दिया जाता था लेकिन, इस दफा यह तारीख नहीं बढ़ी। झांसी में 65 खरीद केंद्र खोले गए थे।



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