अमर उजाला इंपैक्ट

संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। पात्र गृहस्थी और अंत्योदय राशनकार्डों में दर्ज हजारों लोगों की मौत के बाद भी उनके नाम पर परिजन विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। इसी तरह का मामला शनिवार को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो जिलाधिकारी ने आधा दर्जन विभागों को मृतक और अपात्रों को खोजकर उन्हें योजना से बाहर करने के आदेश दे दिए। अब जिले के 15 लाख से अधिक लोगों का जमीनी सत्यापन किया जा रहा है। जिसमें मृतकों और अपात्रों को राशनकार्ड की सूची से बाहर किया जाएगा।

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– ये बनाए हैं नोडल

ग्रामीण क्षेत्र में सत्यापन की निगरानी के लिए मुख्य विकास अधिकारी, नगरीय क्षेत्र में अपर जिलाधिकारी, विकास खंड में खंड विकास अधिकारी व नगरीय क्षेत्र में अधिशाषी अधिकारी/जोनल अधिकारी को नोडल नामित किया गया है।

– इन विभाग की टीम करेंगी सत्यापन

राशनकार्ड सत्यापन के लिए नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, रोजगार सेवक, नगर पालिका/पंचायत व नगर निगम के कर्मी तैनात किए गए हैं, जो कोटेदार की सहायता से मौके पर जाकर सत्यापन करेंगे।

– जिले के 20 में से 15 लाख लोग ले रहे राशन

वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित झांसी एनआईसी वेबसाइट के डाटा में जिले की कुल जनसंख्या 19 लाख 98 हजार 603 दर्ज है। इसमें हैरानी की बात यह है कि कुल जनसंख्या में से 15 लाख 6 हजार 768 लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उचित दर पर मिलने वाले सरकारी राशन का उपभोग कर रहे हैं। यही डाटा प्रशासन को गड़बड़ी का संकेत दे रहा है।

दो श्रेणी के इतने हैं राशनकार्ड

झांसी जिले में संचालित कुल राशन कार्डों की संख्या उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट के अनुसार 3 लाख 78 हजार 633 है। इनमें जिले भर के 15 लाख 6 हजार 768 लोग शामिल हैं, जो सस्ती दर का राशन ले रहे हैं। इनमें पात्र गृहस्थी राशनकार्ड की संख्या 3 लाख 32 हजार 805 है, जिनमें 13 लाख 56 हजार 903 लोग दर्ज हैं। वहीं, अंत्योदय राशनकार्ड की संख्या 45 हजार 828 है। जिसमें राशन लेने वाले 1 लाख 49 हजार 865 लोग शामिल हैं।

नगर क्षेत्र में यह होंगे अपात्र

आयकर दाता, चार पहिया वाहन मालिक, शस्त्र लाइसेंस, तीन लाख की सालाना इनकम, परिवार के पास 100 वर्ग मीटर का प्लॉट, एसी या 5 किलोवॉट का जनरेटर, परिवार के पास 80 वर्ग मीटर या अधिक व्यावसायिक जमीन।

– ग्रामीण क्षेत्र में यह होंगे अपात्र

आयकर दाता, चार पहिया वाहन मालिक, एसी या 5 किलोवॉट का जनरेटर, हर्वेस्टर, परिवार की वार्षिक आय दो लाख से अधिक, 5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि व शस्त्र लाइसेंस।

जिलाधिकारी के आदेश पर 31 दिसंबर तक राशनकार्ड का सत्यापन कराया जा रहा है। जिसमें अपात्र और मृतकों की जांच की जाएगी। सत्यापन के आधार पर ही अपात्रों की सूची में शामिल यूनिट और राशनकार्ड को निरस्त किया जाएगा।

उमेश चन्द, जिलापूर्ति अधिकारी।



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