झांसी। मेयर के चुनाव में जीत के दावों के साथ उतरे छह प्रत्याशियों में चार जमानत तक नहीं बचा सके। इनमें सपा, बसपा और आप के प्रत्याशी शामिल हैं। बुंदेलखंड क्रांति दल को तो केवल 1568 ही वोट मिले हैं। वहीं दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी भी जमानत बचाने के लिए जरूरी आंकड़े से कुछ ही आगे निकल पाए। एक तरह से मेयर पद के चुनाव में भाजपा के आगे कोई टिक नहीं सका।
किसी भी प्रत्याशी को जमानत बचाने के लिए कुल पड़े मतों का 16.66 फीसदी वोट हासिल करना जरूरी होता है। इस बार झांसी नगर निगम चुनाव में 2 लाख 16 हजार 153 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान प्रतिशत 47.19 प्रतिशत रहा। इस हिसाब से जमानत बचाने के लिए 36011 मत जरूरी थे, लेकिन चार प्रत्याशी इस आंकड़े को पाने में असफल साबित हुए। बसपा प्रत्याशी भगवान दास को 21586, सपा प्रत्याशी सतीश जतारिया को 21043, आप प्रत्याशी नरेश वर्मा को 5623 और बुंदेलखंड क्रांति दल के प्रत्याशी शिव दयाल को सिर्फ 1568 मत ही मिले। इस तरह इन चारों की जमानत जब्त हो गई। कांग्रेस प्रत्याशी को 39916 मत मिले। यानी जमानत बचाने के लिए जरूरी मतों से 3905 मत ज्यादा इन्हें मिले।
नोटा से भी कम वोट मिले बुंदेलखंड क्रांति दल के प्रत्याशी को
झांसी। निकाय चुनाव के परिणामों में नोटा का प्रदर्शन बल्ला चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरे बुंदेलखंड क्रांति दल के प्रत्याशी से अच्छा रहा। बल्ला चुनाव चिह्न को 1568 मत मिले जबकि नोटा के पक्ष में 2851 ने मतदान किया। 25 में से 24 राउंड में नोटा ही बल्ला चुनाव चिह्न पर हावी रहा।
इनसेट…
डाक मत पत्रों में आगे रही भाजपा
डाक से मिले मत पत्रों में भाजपा आगे रही। भाजपा प्रत्याशी को जहां डाक के जरिए 52 मत मिले वहीं कांग्रेस को 13, आम आदमी को दो, बसपा को 16, सपा को 14 और बुंदेलखंड क्रांति दल को जीरो मत मिला। एक मतदाता ने नोटा का बटन दबाया।
