अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। करीब तेरह साल पुराने एक मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (द्रुतगामी न्यायालय) जितेन्द्र यादव की अदालत ने पिता-पुत्र समेत तीन को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) संजय कुमार पाण्डेय के मुताबिक सीपरी बाजार थाने में 25 फरवरी 2010 को प्रेमनगर के महावीरनपुरा निवासी जयप्रकाश राय ने पुत्र की गोली मारकर हत्या किए जाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके बड़े पुत्र बृजेंद्र राय (36) को 25 फरवरी शाम ईसाई टोला निवासी कमलेश उर्फ गिल्टू ने फोन करके बुलाया था। देर-रात बृजेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसका शव गढ़मऊ माइनर पर बनी पक्की पुलिया से बरामद हुआ। पिता की तहरीर पर पुलिस ने कमलेश समेत उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचना के बाद पुलिस ने कमलेश, मुन्नालाल निवासी मैरी एवं उसके पुत्र रविंद्र उर्फ खंजू के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। लंबे समय तक मामले के परीक्षण के दौरान दोनों पक्षों से गवाह समेत विवेचक ने भी गवाही दी। न्यायालय में कोर्ट में दाखिल हुए साक्ष्य एवं गवाहों को आधार बनाकर कमलेश समेत मुन्नालाल एवं उसके पुत्र रविंद्र को हत्या (धारा 302) का दोषी करार देते हुए तीनों को आजीवन कारावास समेत दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न चुकाने पर एक-एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।