संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। महानगर में जलसंस्थान द्वारा पेयजल सप्लाई कराई जाती है। इसके एवज में विभाग द्वारा जलकर व जलमूल्य लिया जाता है, लेकिन महापौर बिहारीलाल आर्य के वादे से जलसंस्थान की सांस फूली नजर आ रही है। चुनाव में महापौर ने हाउस टैक्स हाफ, जलकर माफ का वादा किया था, इससे महानगर की जनता की आस बिल कम होने की लगी थी। ऐसे में उपभोक्ताओं ने अपना बिल जमा नहीं किया है। इससे विभाग का राजस्व कम हो गया है।
दरअसल, नगर निगम की एआरबी के हिसाब से हाउस टैक्स दस प्रतिशत व जलकर साढ़े बारह प्रतिशत लिया जाता है। ऐसे में अगर हाउस टैक्स आधा हो जाएगा तो जाहिर सी बात है कि जलकर भी कम हो जाएगा। विभाग द्वारा वर्तमान में 35 हजार उपभोक्ताओं को जलकर के बिल भेजे हैं, जो 40 करोड़ से अधिक हैं। इनकी वसूली विभाग के लिए टेढ़ी खीर नजर आ रही है। जब भी उपभोक्ताओं को नोटिस भेजा जाता है तो वह हाउस टैक्स कम होने के बाद बिल जमा करने का आश्वासन देते हैं। आलम यह है कि विभाग को सालभर में 54 करोड़ रुपये राजस्व की वसूली करनी है लेकिन अभी तीन माह में महज 40 लाख रुपये वसूली ही हो पाई है।
अधिशासी अभियंता आरएस बादलीवाल के मुताबिक जलकर वसूली का लक्ष्य 54 करोड़ रुपये रखा गया है। इसके लिए लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अगर उपभोक्ता बिल जमा नहीं करेंगे तो नोटिस जारी किए जाएंगे।
