हाउस टैक्स हाफ करने का प्रस्ताव फिलहाल मंजूर करने की बजाय शासन ने 10 फीसदी बढ़ा दिया टैक्स वसूली का टारगेट
वसूली टालने को राजी नहीं निगम अफसर, पुरानी दरों से ही वसूला जाएगा टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम सदन से पास हुए हाउस टैक्स आधा करने के प्रस्ताव को शासन ने मंजूर करने की बजाए टैक्स वसूली के टारगेट में ही इजाफा कर दिया है। वसूली का टारगेट पिछले साल के मुकाबले दस प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। हाउस टैक्स वसूली का लक्ष्य बढ़ जाने से अब निगम प्रशासन वसूली टालने को राजी नहीं। ऐसे में निगम प्रशासन और सदन के बीच टकराव का होना तय दिखता है। शासन के निर्देश के मुताबिक निगम प्रशासन हाउस टैक्स पुरानी दरों पर ही वसूलने की तैयारी में है जबकि सदन प्रस्ताव शासन में होने की बात पर अड़ा है।
निकाय चुनाव में महापौर बिहारीलाल आर्य द्वारा झांसी की पब्लिक से वादा किया था कि वह हाउस टैक्स आधा कर देंगे। 23 जून को निगम सदन ने सर्वसम्मति से महानगर के 1.90 भवनों का हाउस टैक्स हाफ किए जाने का प्रस्ताव पास कर दिया था, लेकिन ये प्रस्ताव अभी शासन में लटका है।
उधर, सोमवार को लखनऊ में नगर विकास महकमे की बैठक में नगर निगम अफसरों ने सदन में हुए फैसले के बारे में शासन को बताया लेकिन, वरिष्ठ अफसरों ने तयशुदा हाउस टैक्स टारगेट के मुताबिक ही वसूली का निर्देश दिया। पिछली बार निगम ने 36 करोड़ रुपये हाउस टैक्स वसूला था। शासन ने इसमें करीब 10 फीसदी इजाफा करके वसूली करने को कहा है।
शासन से लक्ष्य बढ़ जाने के बाद अब नगर निगम प्रशासन हाउस टैक्स वसूली टालने को कतई राजी नहीं है। निगम प्रशासन ने फिर से वसूली तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। जुलाई से ही हर माह की वसूली की समीक्षा की जाएगी। वहीं, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी धीरेंद्र मोहन कटियार का कहना है शासन ने हाउस टैक्स वसूली लक्ष्य में कटौती नहीं की है। टैक्स वसूली के लिए टीम लगाई गई है। पुरानी दरों पर ही वसूली की जा रही है।
हाउस टैक्स जमा करने को राजी नहीं हो रहे भवन स्वामी
नगर निगम सदन से हाउस टैक्स हाफ होने का प्रस्ताव पारित हो जाने से ही बड़ी संख्या में भवन स्वामियों ने टैक्स जमा करने से किनारा कर लिया। पिछले बार के मुकाबले इस साल वसूली में करीब 35 प्रतिशत कमी आई है। वसूली कम हो जाने से निगम अफसरों की परेशानी भी बढ़ गई। इससे ही निगम को सबसे अधिक आय होती थी लेकिन, वसूली प्रभावित हो जाने से अब निगम के सामने पैसों का संकट भी पैदा होने लगा है।
-हाउस टैक्स वसूली का लक्ष्य- 42 करोड़
-पिछले वित्तीय वर्ष का लक्ष्य- 32 करोड़
-कुल भवन स्वामी- 1.93,100
