– बैठक में डीएम बोले : संभाजन के दौरान बूथों पर आपत्ति 25 तक दर्ज करा सकते

अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को राजनीतिक दलों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें डीएम गौरांग राठी ने कहा कि मतदेय स्थलों के भवनों का चयन, पुनर्निधारण और भौतिक सत्यापन अधिकतम 1200 मतदाताओं के आधार पर किया जा रहा है। सत्यापन के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि मतदाताओं का निवास भवन के आसपास ही हो। नई सूची में कोई सहायक मतदेय स्थल नहीं होगा।

उन्होंने आगे कहा कि मतदेय स्थल भवन के नाम शुद्ध रूप से अंकित किए जाएंगे। मुख्य गांव या बस्ती से दूर स्थित मतदेय स्थलों को सुविधाजनक भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। मतदेय स्थल की दूरी दो किलोमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। शहरी क्षेत्रों में नई आवासीय कॉलोनियों में आवश्यकतानुसार नए मतदेय स्थल बनाए जाएंगे। पुराने और जर्जर भवनों वाले मतदेय स्थलों को स्थायी भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा।

आयोग ने मतदेय स्थलों के संभाजन और पुनरीक्षण की समय सारिणी निर्धारित की है। भौतिक सत्यापन 17 और 18 अक्तूबर तक और आलेख्य सूची का प्रकाशन 19 अक्तूबर तक किया जाएगा। मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध 24 अक्टूबर तक उपलब्ध कराई जाएगी। शिकायतों के निस्तारण के बाद सूची को 26 अक्तूबर तक अंतिम रूप दिया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को 27 अक्तूबर तक भेजा जाएगा।

विधानसभावार प्रस्तावित मतदेय स्थल

झांसी जनपद की चारों विधानसभाओं में कुल 1740 प्रस्तावित मतदेय स्थल हैं। बबीना में चार बूथों को समायोजित कर 382, झांसी नगर में एक बूथ को समायोजित कर 440 मतदेय स्थल हैं। मऊरानीपुर में चार बूथों को समायोजित कर 492 प्रस्तावित मतदेय स्थल हैं। गरौठा में चार नए प्रस्तावित मतदेय स्थल और तीन समायोजित बूथों के साथ कुल 426 मतदेय स्थल हैं। डीएम ने बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि यदि किसी भी विधानसभा क्षेत्र में संभाजन के दौरान बूथों पर कोई आपत्ति है तो 25 अक्टूबर तक लिखित जानकारी दें।



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