अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। बगैर टिकट यात्री रेलवे का खजाना खूब भर रहे हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले 20 महीनों के दरम्यान झांसी रेल मंडल में ट्रेनों में बगैर टिकट यात्रा करते पांच लाख से अधिक लोगों को पकड़ा जा चुका है। इन अनाधिकृत यात्रियों से रेलवे को जुर्माने के रूप में 27 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व हासिल हुआ है।

रेलवे के टिकट चेकिंग स्टाफ ने इस साल अप्रैल माह से लेकर नवंबर तक अलग-अलग ट्रेनों में 1,81,361 यात्रियों को बगैर टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा और इनसे रेलवे ने 10 करोड़ 18 लाख रुपये जुर्माने के रूप में वसूल किए गए। जबकि, पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 में रेलवे ने 3,80,866 यात्रियों को बगैर टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा था और उनसे 17 करोड़ 27 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया था।

000000

सात फीसदी यात्रियों ने ही लिया ऑनलाइन टिकट

अनारक्षित श्रेणी के यात्री घर बैठे मोबाइल पर अपना टिकट बना सकें, इसके लिए रेलवे की ओर से अनरिजर्वड टिकट सिस्टम (यूटीएस) विकसित किया गया है। लेकिन, यह यात्रियों को ज्यादा रास नहीं आ रहा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले आठ महीनों के दरम्यान झांसी रेल मंडल में एक करोड़ अठारह लाख अनारक्षित टिकट लिए गए, इनमें से महज 8.64 लाख यात्रियों ने ही यूटीएस के जरिये टिकट लिए। बाकी यात्रियों ने रेलवे के काउंटरों से ही टिकट खरीदे।

टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा ट्रेनों में लगातार चेकिंग की जाती है और अनाधिकृत रूप से यात्रा करने वालों से जुर्माना वसूला जाता है। इसे लेकर रेल प्रशासन का रुख सख्त रहता है। – शशिकांत त्रिपाठी, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें