– विलय के लिए रक्षा मंत्रालय ने गठित की कमेटी

अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। गठन के 64 साल बाद बबीना छावनी क्षेत्र का नगर निकाय में विलय होने जा रहा है। इसे बरुआसागर नगर पालिका या बड़ागांव नगर पंचायत में शामिल किया जा सकता है। इसका निर्णय लेने के लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।

बबीना छावनी परिषद का गठन सन 1959 में हुआ था। वर्तमान में यहां सात वार्ड हैं। इनमें से वार्ड नंबर एक और दो पूरी तरह से सैन्य क्षेत्र में आते हैं, जबकि वार्ड नंबर तीन का आधा हिस्सा सैन्य क्षेत्र में है। इन वार्डों में सेना के जवान मतदान करते हैं। जबकि, बाकी चार वार्डों में क्षेत्रीय नागरिक मतदान में हिस्सा लेते हैं। इन सातों वार्डों में वर्तमान में 13,825 मतदाता हैं और छावनी परिषद का क्षेत्रफल 3214.16 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है। लेकिन, अब बबीना छावनी परिषद का स्थानीय निकाय में विलय होने जा रहा है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से मंत्रालय के संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक बबीना छावनी क्षेत्र का नजदीकी निकाय में विलय किया जाएगा। इस हिसाब से बरुआसागर नगर पालिका या बड़ागांव नगर पंचायत में इसके विलय होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इसका फैसला रक्षा मंत्रालय द्वारा गठित कमेटी द्वारा लिया जाएगा।

संविधान के सेक्शन 245 के भाग 9ए और भाग 9बी के तहत बबीना छावनी क्षेत्र का निकाय में विलय किया जाएगा। इसमें ज्यादा संभावना बरुआसागर नगर पालिका में शामिल होने की है। सेना से जुड़े तीन वार्डों को हटाकर बाकी चार वार्डों का नजदीकी निकाय में विलय किया जाएगा। इसमें आसपास के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों को भी शामिल किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम फैसला रक्षा मंत्रालय की कमेटी ही करेगी। – डा. पीके अग्रवाल, सेवानिवृत्त आईएएस

छावनी परिषद बबीना के निकाय में विलय के संबंध में अभी कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। हालांकि, इस संबंध में जानकारी जरूर मिली है। रक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार ही आगे की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

– एसके माथुर, मुख्य अधिशासी अधिकारी-बबीना छावनी परिषद



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *