अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जनपद में करीब 66 हजार किसानों के एक से अधिक केसीसी कार्ड बने हैं। इनके खिलाफ अब शिकंजा कसने की तैयारी है। बैंक अफसरों के मुताबिक एक से अधिक जितने भी केसीसी कार्ड हैं, उनको निरस्त किया जाएगा। इसके लिए पोर्टल पर केसीसी कार्ड समेत आधार कार्ड अपलोड किए जाएंगे। जनपद में कुल करीब 2.80 लाख किसान क्रेडिट कार्ड धारक हैं लेकिन, जांच पड़ताल में यह बात सामने आई कि कई किसान ऐसे हैं जिन्होंने एक ही नाम पर कई केसीसी बनवा रखा है। काफी कम ब्याज दर होने से किसान केसीसी कार्ड से कर्ज लेकर लेकर इससे गाड़ी खरीदने से लेकर मकान बनवाने तक में पैसा खर्च कर देते हैं। शिकायतों के बाद कई मामलों की जांच कराई गई। ऐसे मामले सही पाए जाने के बाद सरकार ने एक किसान-एक केसीसी कार्ड नीति पर काम कर रही है। जनपद के भी 2.80 लाख केसीसी कार्ड की जांच कराई जा रही है। सभी केसीसी अब आधार से सीधे लिंक किए जाएंगे। एक आधार से एक ही केसीसी को लिंक किया जा सकेगा। नाबार्ड प्रबंधक भूपेश पाल का कहना है कि सभी केसीसी कार्ड की जांच कराई जा रही है। जिनके एक से अधिक केसीसी कार्ड होंगे वह निरस्त किए जाएंगे।
पशुपालकों के केसीसी कार्ड की रफ्तार धीमी
पशुपालकों के केसीसी कार्ड बनाने के लिए सरकार ने कई निर्देश दिए लेकिन, बैंक पशुपालकों के कार्ड बनाने को राजी नहीं हो रहे। प्राइवेट बैंक केसीसी कार्ड बनाने को राजी नहीं हैं। जनपद में कुल करीब 1.5 लाख पशुपालक हैं लेकिन, दस प्रतिशत पशुपालकों के भी केसीसी नहीं बन सके हैं।
