विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत बिना मैपिंग वाले 1.34 लाख वोटरों को जिला प्रशासन जल्द नोटिस देना शुरू करेगा। इन वोटरों को मान्य 13 दस्तावेज में कोई एक पेश करना होगा। ये दस्तावेज पेश न कर पाने वालों के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।
पहले जनपद में 15,77,337 मतदाता थे। एसआईआर के पहले चरण के बाद 2.19 लाख मतदाताओं के नाम कट चुके हैं। कई मतदाता झांसी से स्थानांतरित, मृत हो गए हैं या फिर कई के नाम दो या उससे अधिक जगह पर दर्ज तो कई अनुपस्थित मिले हैं। अब 13,57,725 वोटर रह गए हैं। वहीं 1,34,462 वोटरों की मैपिंग नहीं हुई है। ये ऐसे मतदाता हैं जिनका नाम 2003 की मतदाता सूची में तो है लेकिन उनकी मैपिंग नहीं हो पाई है। एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल का कहना है कि बिना मैपिंग वाले वोटरों को ही जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे। निर्धारित 13 बिंदुओं के आधार पर इन्हें साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा।
